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बिजनेस
अगर आप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के इच्छुक हैं तो इस दिन आए शिमला और मंडी

प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सौर ऊर्जा मेला लगाएगी । सरकार की तरफ से ऊर्जा मेले शिमला तथा मंडी में लगाए जाएंगे। शिमला में मेला 21 व 22 नवंबर को और मंडी में 3 और 4 दिसंबर को लगाया जाएगा । इस दौरान लोगों को सौर ऊर्जा के संयंत्रों की जानकारी दी जाएगी। 

जानिए मोदी सरकार को जी एस टी से क्यों लगा करारा झटका

केंद्र की ओर से राज्यों को दिया जाने वाला माल एवं सेवा कर (GST) मुआवजा अगस्त-सितंबर की अवधि में घटकर 11,900 करोड़ रुपए रह गया है। इससे पहले द्वैमासिक जीएसटी मुआवजा जून-जुलाई की अवधि में 14,930 करोड़ रुपये था। राज्यों को अप्रैल-मई में जीएसटी मुआवजे के रूप में 3,899 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। आईजीएसटी कोष के नियमित और तदर्थ निपटान के बाद अगस्त-सितंबर के दौरान जीएसटी मुआवजा कोष से राज्यों को 11,900 करोड़ रुपए जारी किए गए।

अगर आप भी अपनी छत पर लगाना चाहते हैं सोलर प्लांट तो इस दिन ऊर्जा मेले में जरूर आएं

लोगों के घरों की छतों पर सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिली अब राज्य बिजली बोर्ड खरीदेगा। राज्य बिजली बोर्ड अतिरिक्त उत्पादित ऊर्जा को राज्य नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर पर खरीदेगा। इन सयंत्रों के बारे लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए राज्य स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पहली बार प्रदेश में ऊर्जा मेला आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। पहले चरण में शिमला तथा मंडी में ऊर्जा मेंलों का आयोजन किया जाएगा। 

जंगी-थोपन बिजली परियोजना: सरकार और एसजेवीएन के बीच अगले माह होगा एमओयू

780 मेगावाट की क्षमता वाली जंगी-थोपन बिजली परियोजना का निर्माण कार्यशुरू करने के लिए प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। सरकार और एसजेवीएन के मध्य अगले महीने एमओयू हस्ताक्षर होना है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने एसजेवीएन से टाइम लाइन मांगी है। इसमें यह पूछा गया है कि निर्माण कार्य कब से शुरू होगा और परियोजना कब तक पूरी होगी। इसके साथ-साथ सभी औपचारिकताओं की भी टाइम लाइन मांगी है। 

सौर ऊर्जा की इन परियोजनाओं को लगा सकते हैं आप भी, जानिए क्या है शर्तें ?

हिमाचल प्रदेश में 20 मैगावाट सौर ऊर्जा के दोहन हेतु हिम उर्जा द्वारा एक योजना को तैयार किया गया है जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इस योजना को शीघ्र ही अधिसूचित किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत कम से कम 250 किलोवाट और अधिकतम 500 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएंगी।