हिंदी ENGLISH Wednesday, August 05, 2020
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खेत-खलिहान
Breaking News : शराब की बोतल से बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाएंगे हिमाचल को

हिमाचल प्रदेश को सरकार अब शराब की बोतल से बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाएगी। भले ही यह सुनने में अटपटा  लग रहा हो, लेकिन यह सच है। राज्य सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में बेसहारा पशुओं को आश्रय देने और गौ सदनों के रखरखाव के लिए प्रति बोतल शराब पर उपकर लगाने का प्रावधान किया गया।

हिमाचल के बागवानों को पड़ा यह साल मंहगा

कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन हो या मौसम की मार और अब फसलों में स्कैब जैसी बीमारियां बागवानों के लिए एक बडी समस्या बन गया है। वैसे ही लॉकडाउन के चलते समय पर फसलों में दवाईयों के छिड़काव नहीं हो पाए है, और अब स्कैब जैसी बिमारी ने बागवानो की चिन्ता बड़ा दी है।

Agriculture News : जानिए फलदार पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय

मानसून के मौसम में बागवानी विभाग जिला ऊना द्वारा फलदार पौधों के वितरण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। विभाग ने लगभग 30,000 विभिन्न फलदार पौधे जैसे आम, किन्नू, माल्टा, निंबू, लीची, अमरुद, पपीता इत्यादि किसानों को वितरण हेतु जिले के पांचों विकास खंड कार्यालयों में पहुंचा दिए हैं तथा किसान इन पौधों को खरीद कर अपने खेतों में लगा रहे हैं। 

कृषि क्षेत्र में नई कहानी लिख रही है जाईका परियोजना

लगातार बढ़ती जनसंख्या, खेती के लिए घटती जमीन और जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद कृषि क्षेत्र में आज भी बड़े पैमाने पर स्वरोजगार प्रदान करने का सामथ्र्य है।

जाइका : किन्नौर के चिलगोजा व स्पीति के सीबक थाॅर्न को मिलेगी नई पहचान

हिमाचल सरकार प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने व पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है, जिसके लिए वन विभाग के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

फॉलआर्मी कीट के प्रकोप ऐसे बचाएं मक्की की फसल

इन दिनों खेतों में मक्की की फसल खूब लहलहा रही है। मक्की में इन दिनों खूब देखभाल की जरूरत रहती है। इन दिनों मक्की में फॉलआर्मी कीट के आक्रमण का खतरा रहता है। फॉलआर्मी कीट मक्की के पत्तो के भंवर के अंदर पनपते हैं। पत्तों के ऊपर पाए जाने वाले इनके अंडों के समूह को मसलकर इस प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है।

प्रदेश को फल राज्य बनाने पर होंगे 100 करोड़ रुपये खर्च, 170 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे फलदार पौधे

समूचे हिमाचल प्रदेश को बागवानी राज्य बनाने व बागवानी के माध्यम से प्रदेश के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित एचपी शिवा परियोजना तैयार की है। सरकार के प्रयासों व इस परियोजना को धरातल पर उतारने की बागवानी विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से लहलहाए 130 किसानों के खेत खलिहान

जिला मंडी में कृषि विभाग की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से किसानों के खेत खलिहान लहलहाने से किसानों के चेहरे खुशी से चहक उठे हैं।

रोहित के उजड़े खेतों में हरियाली लाई मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना

खेती लायक सीमित जमीन पर कड़ी मेहनत से फसलें उगाने के बाद अगर इन लहलहाती फसलों को कोई जंगली जानवर या अन्य पशु पल भर में ही उजाड़ दे तो एक किसान के लिए इससे बड़ा दुर्भागय और क्या हो सकता है? हमीरपुर जिले सहित हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों के किसान वर्षों से कुछ ऐसी ही गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

ऐसे पाएं सेब में स्कैब रोग से छुटकारा

मानसून के आने से वातावरण में नमी की अधिकता हो जाती है जिसके उपरांत पौधों में रोगों का प्रकोप भी दिखाई देने लगता है।

15 जुलाई तक होगा इन फसलों का बीमा

बाढ़, सूखा, जलभराव या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हमीरपुर जिला में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है।

मधुमक्खी पालन ने दिखाया स्वरोजगार का मिठास भरा रास्ता

मधुमक्खियों के 10 बक्सों के साथ शुरूआत करने वाले बंगाणा उपमंडल के तरेटा निवासी संजय कुमार आज जिला ऊना के अग्रणी मधुमक्खी पालक बनकर लाखों रुपए कमा रहे हैं। सरकार की योजना तथा अपने परिश्रम के नतीजों से उत्साहित संजय के पास अब 74 बॉक्स हो गए हैं। डेढ़ साल पहले संजय ने मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया। खादी बोर्ड से सब्सिडी पर 10 बॉक्स लिए और उसके साथ-साथ ट्रेनिंग भी ली।

कोरोना काल में बढ़ीऔषधीय पौधों व जड़ी-बूटियों की मांग

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के इस संकट भरे दौर में औषधीय पौधों व जड़ी बूटियों की मांग में एकाएक बढ़ौतरी देखने को मिल रही है। विभिन्न औषधीय पौधे व जड़ी बूटियां न केवल शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है बल्कि कई बीमारियों में राम बाण का काम भी करती हैं।

सावधान बागवान : इन जिलों में टिड्डियां कर सकती है हमला

कृषि निदेशक ने बताया कि सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे टिड्डियों के हमले के प्रति किसानों में जागरूकता लाएं और उन्हें कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रेरित करंे। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए 30 लीटर पानी में 200 ग्राम मैथेरिजियम और बाॅवरिया जैसे जैव कीटनाशक का घोल बना कर छिडकाव करना लंबे समय तक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, कांगड़ा और मंडी को इन जैव कीटनाशकों को पर्याप्त मात्रा में तैयार करने के निर्देश दिए गए है।

लाॅकडाउन में पशुपालकों को दी सरकार ने ये बड़ी राहत

राज्य सरकार ने प्रदेश में लाॅकडाउन के दौरान पशुओं के लिए चारा और अन्य खाद्य सामग्री, चिकित्सा सुविधा इत्यादी उपलब्ध करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाकर पशु पालकों को बड़ी राहत पहुंचाई है। प्रदेश में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पशु पालकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए उन्हें आवश्यक सेवाओं में शामिल कर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी है। पड़ोसी राज्यों से फीड और चारा आयात कर पशुपालकों को उपलब्ध करवाया है।

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