हिंदी ENGLISH ਪੰਜਾਬੀ Monday, November 19, 2018
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हमारे देवी-देवता
भस्मासुर से बचने के यहां छुपे थे शिव

हिमाचल प्रदेश देवभूमि है. यहां ज़र्रे-ज़र्रे पर हजारों देवी-देवताओं का वास है. प्रदेश के कण-कण में आस्था रमी हुई है. हर छोटे-बड़े मंदिरों सहित ऊंचे पहाड़ों पर बसे आस्था के प्रतीक स्थलों की अनूठी कहानी है. पांडुलिपियों, शिलालेखों, अभिलेखों और दंतकथाओं के आधार समस्त प्रदेश में इन परंपराओं और मान्यताओं का प्रचलन है. इसी तरह हिमालय की गोद में करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड कैलाश में महादेव शिव वास को लेकर भी मान्यता है कि वे भस्मासुर से बचते हुए यहां आए थे.

न्याय का अनूठा दरबार : न वकील... न दलील... सिर्फ एक कील

देव भूमि में देवताओ के प्रति अटूट आस्था रखने वाले लोगो की कमी नहीं हैं. इसका जीता-जागता प्रमाण पेश करते है, कुल्लू और मंडी जिला के सैंकड़ो देवस्थल. पहाड़ों में देव-आस्था शुरू से ही बलबती रही है. युग बदल गए परिवेश बदल गया लेकिन यदि कुछ नहीं बदला तो वो है देव आस्थाएं. न्याय की बात हो या दिल की मुराद, यहां हर मन्नत देवताओं के द्वार में पूरी होती है.