हिंदी ENGLISH ਪੰਜਾਬੀ Friday, February 22, 2019
Follow us on
आज विशेष
श्रद्धांजली : वीर जवान, बेहतर लोक गायक और उत्कृष्ट खिलाड़ी थे तिलक राज

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुए बड़े आतंकी हमले में हिमाचल प्रदेश के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की नाणा पंचायत के धेवा गांव के वीर जवान तिलक राज को भी शहादत प्राप्त हुई। इस आतंकी हमले में कांगड़ा ने एक वीर जवान ही नहीं, बल्कि एक बेहतर लोक गायक और उत्कृष्ट कबड्डी खिलाड़ी भी खो दिया।

आज वेलेंटाइन हैं इसे खास बनाने के लिए अपनाएं 10 रोमांटि‍क आइडिया

14 फरवरी यानि वैलेंटाइन डे... इस दिन आप क्या करने वाले हैं अपने साथी के लिए? अगर वेलेंटाइन डे पर अपने पार्टनर के लिए कोई बढ़ि‍या सी योजना बनाना चाहते हैं, और अब तक कुछ प्लान नहीं किया है, तो यह 10 बेहतरीन रोमांटिक टिप्स करेंगे आपकी मदद। 

वेलेंटाइन डे पर अपने प्यार को दीजिए ये खास उपहार

प्यार, इश्क और मोहब्बत जैसे शब्दों को महसूस करने और कराने का सबसे खास दिन है वेलेंटाइन डे, जि‍से आप अपने प्यार के साथ सेलिब्रेट करते हैं। मन में छुपे इस प्यार को जाहिर करने का एक बेहतरीन तरीका है उपहार देना। 

वेलेंटाइन डे : प्यार का दिन...प्यार के इजहार का दिन

आखिर क्या है ऐसा इस नाजुक से शब्द 'प्यार' में कि सुनते ही रोम-रोम में मीठा और भीना अहसास जाग उठता है। जिसे प्यार हुआ नहीं, उसकी इच्छा है कि हो जाए, जिसे हो चुका है वह अपने सारे प्रयास उसे बनाए रखने में लगा रहा है। प्रेम, प्यार, इश्क, मोहब्बत, नेह, प्रीति, अनुराग, चाहत, आशिकी, अफेक्शन, लव। ओह! कितने-कितने नाम...और मतलब कितना सुंदर, सुखद और सलोना। आज प्रेम जैसा कोमल शब्द उस मखमली लगाव का अहसास क्यों नहीं कराता जो वह पहले कराता रहा है। जो इन नाजुक भावनाओं की कच्ची राह से गुजर चुका है वही जानता है कि प्यार क्या है।

जानिए वेलेंटाइन डे का इतिहास

ऐसा माना जाता है कि वेलेंटाइन-डे मूल रूप से संत वेलेंटाइन के नाम पर रखा गया है। परंतु सैंट वेलेंटाइन के विषय में ऐतिहासिक तौर पर विभिन्न मत हैं और कुछ भी सटीक जानकारी नहीं है। 1969 में कैथोलिक चर्च ने कुल ग्यारह सेंट वेलेंटाइन के होने की पुष्टि की और 14 फरवरी को उनके सम्मान में पर्व मनाने की घोषणा की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण वेलेंटाइन रोम के सेंट वेलेंटाइन माने जाते हैं। वेलेंटाइन डे को दुनिया के ज्यादातर देशों में प्रेम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वेलेंटाइन डे : जानिए अलग अलग देशों मे कैसे मानते हैं इस दिन को

14 फरवरी ...वेलेंटाइन डे... प्यार का दिन...प्यार के इजहार का दिन। अपने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए इस दिन का हर धड़कते हुए दिल को बेसब्री से इंतजार होता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं, प्यार के परवानों के दिन की, वेलेंटाइन-डे की...। प्यार भरा यह दिन खुशियों का प्रतीक माना जाता है और हर प्यार करने वाले शख्स के लिए अलग ही अहमियत रखता है।

जानिए बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का क्या है महत्व

हिमाचल न्यूज़ : बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का बेहद खास महत्व होता है। बसंत पंचमी के दिन पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है। इसके पीछे दो महत्वपूर्ण कारण माने जाते हैं। 

बसंत पंचमी पर भूलकर भी ना करें ये 5 काम, नहीं तो होगा नुकसान

हिमाचल न्यूज़ : बसंत पंचमी का दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। वाणी की देवी मां सरस्वती को 'वागेश्वरी' नाम से भी जाना जाता है। मां सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला की देवी कहा जाता है। लेकिन बसंत पंचमी के दिन कुछ कार्यों को वर्जित माना जाता है। इसलिए इस दिन कुछ चीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। 

अज्ञानता से मुक्ति पाने को आज करें मां सरस्वती की उपासना

हिमाचल न्यूज़ : बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस मनाया जाता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान बढ़ता है। आलस्य और अज्ञानता से मुक्ति पाने के लिए इस दिन मां सरस्वती की उपासना करें। मां सरस्वती की सबसे पहले पूजा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान ब्रह्मा ने की। इस दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा भी की जाती है।

यहां की बसंत पंचमी है कुछ खास, रघुनाथ होते हैं शामिल, इसी दिन होती है होली शुरू

कुल्लू में मनाई जाने वाली बसंत पंचमी का अपना अलग ही रंग है। यहां इसी से रंगों का उत्सव होली भी शुरू हो जाएगा जो अगले 40 दिन टाका जारी रहेगा। वृंदावन की तर्ज पर यहां पर भी बसंत पंचमी के साथ होली का आगाज भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा से हो जाता है। मथुरा में भी आज से रंगोउत्सव शुरू हो जाता है, भगवान कृष्ण के धाम में भक्त फूलों से होली खेलते हैं।

जानिए क्या है वसंत ऋतु और बसन्त पंचमी का महत्व

हिमाचल न्यूज़ : जब प्रकृति का कण-कण खिल उठता है...फूलों पर बहार आ जाती... खेतों मे सरसों का सोना चमकने लगता... जौ और गेहूं की बालियां खिलने लगतीं... पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं... आमों के पेड़ों पर बौर आ जाता और हर तरफ़ रंग-बिरंगी तितलियां मंडराने लगतीं और खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं तो वसंत ऋतु का आगमान होता है। इस ऋतु के आने से मानव तो क्या पशु-पक्षी भी उल्लास से भर जाते हैं। हर दिन नयी उमंग से सूर्योदय होता है और नयी चेतना प्रदान कर अगले दिन फिर आने का आश्वासन देकर चला जाता है।

हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का 04 फरवरी 2019 को हिमाचल विधानसभा में दिया गया पूरा अभिभाषण (Vedio)

हिमाचल प्रदेश की 13वीं विधानसभा के पंचम तथा वर्ष 2019 के प्रथम सत्र के शुभारम्भ पर मैं सभी माननीय सदस्यों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मैं इस सम्माननीय सदन के सभी सदस्यों तथा आपके माध्यम से, हिमाचल प्रदेश की जनता को नववर्ष की शुभकामनाएं देता हूँ। मुझे विश्वास है कि यह नववर्ष हम सभी को प्रदेशवासियों की सेवा करने के लिए शक्ति तथा प्रतिबद्धता प्रदान करेगा।

मौनी अमावस्या में बन रहा है ये दुलर्भ संयोग, ऐसे पाएं दोगुना फल, रखें इन बातों का ध्यान

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या का काफी महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन किया हुआ दान काफी जल्दी लगता है। इस दिन लोग कई प्रकार की चीजों का दान किया जाता है और इस दिन तिल के दान को काफी जरूर माना जाता है। मौनी अमावस्या के दिन कई लोगों द्वारा मौन व्रत भी रखा जाता है और ये लोग किसी भी प्रकार की चीज का सेवन भी नहीं करते हैं। इस साल इस अमावस्या के साथ ही अर्ध कुंभ के तीसरे स्नान का संयोग भी बन रहा है। 

पूर्व विधायक शौंकिया राम का निधन

कसुम्पटी के पूर्व विधायक शौंकिया राम का आज निधन हो गया है। शिमला के जुन्गा के निवासी शौंकिया राम करीब पांच महीने बीमार थे। आज अपने पैतृक गांव पुराना जुन्गा में अंतिम सांस ली । वे 81 वर्ष के थे।

जीवनी : प्रथम भारतीय सेनाध्यक्ष के. एम. करिअप्पा

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा भारतीय सेना के प्रथम कमांडर-इन-चीफ थे। के.एम. करिअप्पा ने सन् 1947 के भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर सेना का नेतृत्व किया था। वे भारतीय सेना के उन दो अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें फील्ड मार्शल की पदवी दी गयी। फील्ड मार्शल सैम मानेकशा दूसरे ऐसे अधिकारी थे जिन्हें फील्ड मार्शल का रैंक दिया गया था। उनका मिलिटरी करियर लगभग 3 दशक लम्बा था जिसके दौरान 15 जनवरी 1949 में उन्हें सेना प्रमुख नियुक्त किया गया। इसके बाद से ही 15 जनवरी ‘सेना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। करिअप्पा का सम्बन्ध राजपूत रेजीमेन्ट से था। वे सन 1953 में सेवानिवृत्त हो गये फिर भी किसी न किसी रूप में भारतीय सेना को सहयोग देते रहे।

12