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बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा -मुख्यमंत्री

हिमाचल न्यूज़ | December 05, 2018 05:46 PM
बद्दी में मुख्यमंत्री

बद्दी : मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

ये भी रहे प्रमुख कार्य

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

      बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

 

 

मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

 

ये भी रहे प्रमुख कार्य

 

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

 

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

 

 

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

 

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

 

 

 

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

      बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

 

 

मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

 

ये भी रहे प्रमुख कार्य

 

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

 

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

 

 

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

 

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

 

 

 

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

      बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

 

 

मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

 

ये भी रहे प्रमुख कार्य

 

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

 

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

 

 

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

 

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

 

 

 

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

 

 

मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

 

ये भी रहे प्रमुख कार्य

 

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

 

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

 

 

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

 

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

 

 

 

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


बद्दी : मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिले के बद्दी के निमंत्रण रिज़ार्ट में एक राज्य स्तरीय नशा विरोधी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने तथा नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों तथा देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को शामिल कर एक वृहद जन अभियान की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, हिमाचल प्रदेश को देवभूमि होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां तक कि देवभूमि भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से अछूती नहीं है। इस प्रकार इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध सामूहिक अभियान आरम्भ करना समय की आवश्यकता है। राज्य की सीमाएं लगभग पांच राज्यों के साथ लगती हैं और राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्कर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरूद्ध पंजीकृत ज्यादातर मामले पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी ताकि इस सामाजिक समस्या को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सफल साबित हुई है क्योंकि नशीली दवाओं के तस्करों के विरूद्ध जानकारी साझा करने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार करके उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

 मीडिया को इस संदर्भ में अपनी भूमिका को समझने की आवश्यकता है और इसे लाखों की कमाई के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को अवास्तविक तथा महिमापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने के आग्रह का विरोध करके सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को महसूस करवाया जाना चाहिए कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हर हालत में  हानिकारक है, तभी वे इसका उपयोग बन्द करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोटॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 को इस बुराई को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ अधिनियमित किया गया है, जिसमें अपराधी को न्यूनतम 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है, जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा है जिसे दो लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान करके अधिनियम को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए एक कानून लाने का भी फैसला किया है।

ये भी रहे प्रमुख कार्य

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मानपुरा-धर्मपुर सड़क के सुधार व विस्तार तथा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से रत्ता खड़ड मोरपेन सड़क पर पुल की आधारशिला रखी।

बद्दी में नशामुक्ति केन्द्र खोला जाएगा।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।

प्राथमिक पाठशाला तिमली को माध्यमिक पाठशाला घोषितl

उच्च पाठशाला थाना को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी घोषणाएं की।

नशीली दवाओं के दुरूपयोग के विरूद्ध विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

सूचना और जन संपर्क विभाग के कलाकारों और आईआरबी बेरी के जवानों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरूद्ध नाटकों का मंचन भी किया गया।

सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा

राज्य सरकार की पहल पर नशीली दवाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार व आदतों में परिवर्तन पर कड़ी निगरानी रखना माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल छात्रों पर नजर रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री से बद्दी-पिंजौर राजमार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी लाने के मामले को उठाने का भी आग्रह किया।

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा

विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग सबसे बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई के बारे में आम जनता को संवेदनशील बनाना प्रत्येक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि हजारों बिघा भूमि से भांग को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए है।

ये भी रहे उपस्थित

मिल्कफैड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायिका विनोद चंदेल, नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार, उपायुक्त सोलन विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

                            

 

 

 

 

 

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