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पर्यटन

सैलानियों के लुभाते 'इग्लू' : खासियत देखकर आप भी होंगे इसके दीवाने

आर. कंवर | January 29, 2019 03:38 PM

बर्फबारी के बाद पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। अधिकांश पहाड़ी इलाकों की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर की आगोश में है। इससे वहां के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हैं। लेकिन पर्यटन नगरी मनाली के समीप कुछ साहसी और उत्कृष्ट युवाओं ने इस बर्फबारी को कमाई का जरिया बना लिया है। ये युवा सैलानियों को लुभाने के लिए हर साल बर्फ के घर बना रहे हैं। इससे इन युवाओं की कमाई भी हो रही है।

 मनाली से 15 किलोमीटर दूर हामटा गांव के युवा टशी, बृजेश और विकास ने बर्फबारी होते ही इग्लू (बर्फ से बना कमरा) तैयार कर लिए हैं। इन इग्लू में सैलानियों को रहने की सुविधा दी जा रही है। नौ हजार फीट की ऊंचाई पर बनाए गए इन इग्लू में रहने के लिए आपको एक रात के लिए पांच हजार रुपए खर्च करने होंगे। खास बात यह है कि इन इग्लू में सैलानियों के लिए आरामदायक बिस्तर और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है।

क्या है इग्लू
इग्लू का मतलब होता है बर्फ का घर (स्नोहाउस) यानि बर्फ से निर्मित एक आश्रय है, जिसे मूलतः बर्फ द्वारा बनाया जाता है। "इग्लू" आम तौर पर एक गुंबद के आकर का होता है। मुख्यतः कनाडा के मध्य आर्कटिक और ग्रीनलैंड के थुले क्षेत्र के लोगों द्वारा इग्लू निर्मित किया जाता था।

आपने अधिकतर कार्टून फिल्मों और वीडियो में देखा होगा कि इग्लू में पेंग्विन रहते हैं। पर असल बात तो यह है कि इग्लू में पेंग्विन नहीं, बल्कि इनसान रहते हैं और उन्हें एस्किमो कहा जाता है। वे खासतौर पर पृथ्वी के उत्तरी हिस्से यानी आर्कटिक क्षेत्र में पाए जाते हैं, जहां के मूल निवासियों को इनुइट कहा जाता है। पहली बार इग्लू को इनुइट लोगों ने ही बनाया था। बाद में दूसरी जगह के एस्किमो ने इग्लू बनाना शुरू किया।

एस्किमो का अर्थ
यह शब्द अमेरिका का एक मूल शब्द है, जिसका मतलब होता है, कच्चा मांस खाने वाला व्यक्ति। यह नाम उन्हें 16वीं शताब्दी में दिया गया था। अलग-अलग जगहों के एस्किमो की बोली और भाषा भी अलग-अलग होती है। एस्किमो आर्कटिक क्षेत्र के अलावा ग्रीनलैंड, कनाडा, पूर्वी रूस के उप आर्कटिक क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं। वर्तमान में लगभग 1,35,000 लोग इस समुदाय से आते हैं। पारंपरिक तौर पर एस्किमो को ठंड से घिरे वातावरण में रहने की आदत होती है। बर्फ की वजह से वहां पेड़ नहीं उगा पाते, इसलिए उन्हें मांस खाकर जिंदा रहना पड़ता है। वे सील, व्हेल मछली का मांस खाते हैं।

क्यों बनाए जाते हैं इग्लू
एस्किमो गर्मियों के लिए अलग घर बनाते हैं और ठंड के लिए अलग। ठंड वाले घर को इग्लू कहते हैं। चूंकि ठंड के दिनों में वहां का तापमान -50 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है, इसलिए ठंड से बचने के लिए एस्किमो इग्लू का निर्माण करते हैं।
इग्लू के अंदर किसी व्यक्ति का दम न घुटे, इसलिए इग्लू की छत पर एक छेद भी किया जाता है। कई बार इग्लू को बाहर से कंबलों से भी ढक दिया जाता है, ताकि अंदर भी गर्मी बरकरार रहे। इग्लू तूफान आने पर टूटे नहीं, इसलिए उसे गुंबद का आकार दिया जाता है। कई बार सील या कैरिबू (वहां का हिरण) के चमड़े से खिड़की भी बनाई जाती है। इग्लू को बनाने में कम से कम डेढ़ घंटे का वक्त लगता है।

 इग्लू कैसे रहता है अंदर से गरम
जिस तरह रजाई या स्वेटर हमारे शरीर की गर्मी को अंदर रोककर हमें गरम रखते हैं, उसी तरह बर्फ के घर भी अंदर रह रहे लोगों के शरीर से उत्पन्न गर्मी को बाहर नहीं जाने देते। यही वजह है कि ठंड से बचने के लिए एस्किमो इग्लू बनाते हैं।

इग्लू वाले होटल
कई देशों में इग्लू जैसे होटल बनाए जाते हैं। लोग इनमें ठहरकर इग्लू में रहने का अनुभव लेते हैं। लोग रात को इन इग्लू की खिड़कियों से बाहर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। ये देश हैं स्वीडन, फिनलैंड, नॉर्वे, ऑस्ट्रिया आदि।

इग्लू के आकार
इग्लू परंपरागत तौर पर तीन प्रकार के होते हैं, सभी विभिन्न आकारों के होते हैं और विभिन्न प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाते हैं।

छोटे आकार के इग्लू: एस्किमो जब समुद्री जीवों का शिकार करने समुद्र के पास जाते हैं, तो वे पास में ही एक अस्थाई इग्लू का निर्माण करते हैं, जिसमें वे दो या तीन दिन तक रहते हैं। शिकार के बाद वे उसे तोड़ देते हैं।

मध्यम आकार के इग्लू: इस तरह के इग्लू में केवल एक बड़ा कमरा होता है, जिसमें दो परिवार आराम से रह सकते हैं। आमतौर पर ऐसे इग्लू के आसपास कई और इग्लू भी बनाए जाते हैं, जिससे वह क्षेत्र बिल्कुल गांव की तरह दिखता है।

बड़े आकार के इग्लू: इस तरह के इग्लू जोड़े में बनाए जाते हैं, जिनमें से एक इग्लू स्थाई होता है और दूसरा अस्थाई। पांच कमरे वाले स्थाई इग्लू में 20 लोग रह सकते हैं। ये आपस में सुरंग से जुड़े होते हैं। अस्थाई इग्लू खास मौकों के लिए तैयार किए जाते हैं, जैसे कि पारंपरिक आयोजन या सामूहिक नृत्यों के लिए।

फिल्मों में भी दिखाई देते हैं इग्लू
बर्फ से बने घरों को इग्लू कहा जाता है। अधिक बर्फबारी वाले देशों में पर्यटकों को लुभाने के लिए इग्लू का निर्माण किया जाता है। भारत में अभी इसका चलन नहीं है। यहां केवल विदेशी फिल्मों में ही इग्लू दिखाई देते हैं।

प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ 

 

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