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हैदराबाद में राइजिंग हिमाचल

हिमाचल न्यूज़ | January 31, 2019 09:06 PM
हिमाचल न्यूज़ 
हैदराबाद : हिमाचल प्रदेश सरकार एक निवेश मित्र औद्योगिक नीति है, जो राज्य में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को कई रियायतें और प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर आज हैदराबाद में राज्य सरकार द्वारा उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से आयोजित ‘रोड शो-बिजनेस टू गर्वनमेंट’ के दौरान उद्यमियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।
 
जय राम ठाकुर ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को सरकार लैंड पार्सल के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना प्रदान करेगी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का निवेशकों तक पहुंचे का यह पहला प्रयास है कि और राज्य में निवेश के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था की बहुत अच्छी स्थिति है और यहां जवाबदेह और जिम्मेदार प्रशासन है, जो राज्य को उद्यमियों के लिए निवेश का पसंदीदा स्थान बनाता है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के उद्यमी मेहनती और प्रतिबद्ध है तथा इस राज्य के उद्यमियों ने दुनिया भर के देशों में अपना नाम बनाया है।
 
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य का प्रदूषण मुक्त वातावरण यहां सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में निवेश के लिए एक प्रमुख प्लेयर बनाता है। उन्होंने कहा कि फार्मा एक अन्य ऐसा क्षेत्र है, जो निवेश के लिए एक आदर्श स्थान हो सकता है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास, बिजली उत्पादन, सीए स्टोर, सॉफटवेयर प्रौद्योगिकी पार्कों और इसी तरह से पर्यटन, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक अधोसंरचनात्मक ढांचे जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी लाभदायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रदूषणमुक्त वातावरण व शांत पर्यावरण, सांस्कृतिक और भाषाई विविधता राज्य में आगंतुकों को साहसिक गतिविधियां, वन्यजीव, पर्यावरण, पर्यटन, वेलनेस सेंटर, सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिकता, पुरातन स्मारक, धार्मिक पर्यटन, स्कीइंग आदि के विभिन्न विकल्प प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को विश्व स्तर का पर्यटन गंतव्य बनाकर राज्य की आर्थिकी का मुख्य स्त्रोत बनाने के प्रति प्रतिबद्ध है।
 
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सेब, प्लम, खुमानी, कीवी, अखरोट और नाशपाती जैसे फलों का एक प्रमुख उत्पादक है तथा इसी के चलते यहां खाद्य प्रसंस्करण और इससे संबद्ध उद्योगों के लिए अपार अवसर प्रदान करता है।
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक की तथा इसमें से कई उद्यमियों ने राज्य में निवेश में रुचि दिखाई।
 
150 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करने के अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रमुख कम्पनियों के सीईओ और उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें भी की, जिसमें अपोलो अस्पताल, डॉ. रेड्डीज लैब, रैमकी एनवायरो इंजीनियर्स, आईटीसी लिमिटेड, डीपी चॉकलेट्स, केएसके एनर्जी, माइक्रोमैक्स, एमएनआर ग्रुप, 2-ई नॉलेज, वेंचर्स, नेफ्रोप्लस, डोडला डेयरी आदि ने हिमाचल में निवेश योजनाओं के बारे चर्चा की।
नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंध निदेशक एन.आर. अलुरी ने रिजॉर्ट्स, होटल, सड़कों, सुरंगों और पुलों से संबंधित परियोजनाओं में निवेश करने में रुचि दिखाई। ग्रीनको कंपनी के सीएमडी अनिल चालामाशेट्टी ने कहा कि कंपनी भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है और उन्होंने राज्य में एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना में रुचि दिखाई। रामी एनवायरो इंजीनियर्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक मसूद मलिक ने राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों की स्थापना में रूचि दिखाई। पूजोलोना मशीनरी फैब्रिकेटर्स के निदेशक प्रकाश पाई ने खाद्य प्रसंस्करण और रियल एस्टेट में निवेश करने में रुचि दिखाई। अपोलो हॉस्पिटल्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के विस्तार के साथ-साथ अस्पतालों और निदान केंद्र की स्थापना में निवेश में रूचि दिखाई।
 
डॉ. रेडीज के प्रबन्ध निदेशक व सह अध्यक्ष जी.वी. प्रसाद ने बद्दी में अपनी औद्योगिक इकाई के विस्तार व 2 ई नॉलेज वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने राज्य में कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने में रूचि दिखाई। नैफरो प्लस के उपाध्यक्ष रोहित सिंह ने राज्य में डाईलेसिस सेंटर स्थापित करने में रूचि दिखाई। डोडला कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक सुनील रेड्डी ने राज्य में डेयरी अधोसंरचना विकास में रूचि दिखाई। 
 
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि राज्य में लॉजीस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, इत्र (अरोमा), खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन इत्यादि के की अपार संभावना है और राज्य सरकार उद्यमियों को इन क्षेत्रों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विद्युत उत्पादक राज्य है तथा राज्य के इम्पलॉयर (नियोकता)-कर्मचारियों के बीच हमेशा मधुर संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली वर्तमान राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही थी कि राज्य देश का औद्योगिक हब बनकर उभरे।
 
बिक्रम सिंह ने कहा कि राज्य में उत्तरदायी और पारदर्शी प्रशासन है, जो राज्य में उद्यमियों को बिना किसी परेशानी के विभिन्न मंजूरियां सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को राज्य में बहुत ही अनुकूल और निवेशक के अनुकूल वातावरण मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने उद्यमियों और उद्योगपतियों को इस बैठक में हिस्सा लेने और अपने बहुमूल्य सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने राज्य में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र में की गई विभिन्न पहलों की विस्तृत जानकारी दी। अपनी प्रस्तुति में, उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उद्योगों के लिए 1600 एकड़ भूमि बैंक है, जो सोलन में बल्क ड्रग फार्मा पार्क एंड बायोटेक्नोलॉजी पार्क, ऊना में कांगड़ा में एकीकृत औद्योगिक टाऊनशिप तथा ऊना में टेक्सटाइल पार्क बन रहे हैं।
 
प्रधान सचिव ऊर्जा, शहरी विकास, टीसीपी और आवास प्रबोध सक्सेना ने शिमला और धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के तहत विभिन्न निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर एक प्रस्तुति दी।
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