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अगले 24 घंटे में कड़े तेवर दिखाएगा मौसम, अलर्ट जारी

हिमाचल न्यूज़ टीम | February 19, 2019 07:19 PM

हिमाचल में पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। राज्य के छह जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार जारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिमला के ऊपरी इलाकों में बीती रात हुए व्यापक हिमपात के कारण पानी, सड़क और अन्य सुविधायें बाधित हैं तथा कई हिस्सों में बिजली के गुल होने से भीषण ठंड में लोग बिना बिजली के जीने को मजबूर हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 24 फरवरी तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने बुधवार और वीरवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी कर दी है।

397 सड़कें यातायात के लिए बंद
प्रदेश के जिला शिमला, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर में ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी से राज्य के छह जिलों में चार एनएच समेत 397 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। शिमला में दो और शाहपुर रिजल के दो एनएच बंद है। लोकनिर्माण विभाग (पीडब्यलूडी) के मंडी जोन में सर्वाधिक 189 सड़कें अवरूद्व हैं। जिनमें अकेले कुल्लु सर्कल की 160 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा शिमला जोन की 165 सड़कें भी ठप्प रहीं। इनमें रोहड़ू सर्कल की 97 और रामपुर सर्कल की 73 सड़कें सम्मिलित हैं। कांगड़ा जोन के डल्हौजी सर्कल में 38 सड़कें बर्फबारी से अवरूद्व हैं। लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इनमें अधिकांश सड़कें बीते सात फरवरी को हुए व्यापक हिमपात के बाद से बंद पड़ी हैं और इन्हें बहाल करने के लिए 180 जेसीबी, 18 डोजर और 11 टिप्पर तैनात किए गए हैं।

एचआरटीसी के 80 से अधिक रूट फेल
भारी बर्फबारी से एचआरटीसी बसों सहित अन्य वाहन जगह-जगह फंस गए हैं। सड़कें अवरुद्ध होने से निगम के 80 से अधिक रूट फेल हो गए हैं।

लाहौल-स्पीति : जनजातीय इलाकों में बर्फबारी से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। हिमखंड के बर्फीले तूफान की जद में आने से लाहौल में दो घरों की छत उड़ गई। हालांकि, घटना में किसी तरह की जानी नुकसान की रिपोर्ट नहीं है। हालांकि हिमखंड की आशंका को भांपते हुए लोग पहले की किसी दूसरे के घरों में शिफ्ट हो गए थे। उधर, जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर पंचायत के तहत सलपट गांव को जोड़ने वाला 120 मीटर लंबा पुल भारी बर्फबारी के चलते गिरने की कगार पर है। इस पुल पर टनों के हिसाब से बर्फ की मोटी परत जमी हुई है।

शिमला : जाखू चोटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। नारकंडा, कुफरी सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई हुई है। पिछले 24 घण्टों से हो रही इस बर्फबारी से तमाम सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण अप्पर शिमला का राजधानी शिमला से सम्पर्क कट गया है। कुफरी, नारकंडा, छराबड़ा और खड़ापत्थर में हुए व्यापक हिमपात से भारत-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग-5 और ठियोग-हाटकोटी सड़क बन्द हो गई है। चैपाल के खिड़की नामक स्थान पर भी सड़क अवरुद्ध है। कुफरी, छराबड़ा, नारकंडा, रोहड़ू, चिढ़गांव, कोटखाई व जुब्बल इत्यादि इलाके पूरी तरह राजधानी से कट गए हैं। वहीं रामपुर के लिए छोटे व बड़े वाहन वाया बसन्तपुर भेजे जा रहे हैं। रामपुर क्षेत्र की अधिकतर सड़कें बर्फबारी से बंद हो गई है।

कुल्लू : ताजा बर्फबारी से कुल्लू व मनाली के पहाड़ लकदक हो गए हैं। जिला में कई सड़कों पर भूस्खलन होने से लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जलोड़ी जोत में ताजा हिमपात के साथ बारिश होने से क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। उपायुक्त यूनुस ने बताया आगामी दो-तीन दिन मौसम के खराब रहने और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश की आशंका है। इसको देखते हुए जिलावासी और पर्यटक विशेष ऐहतियात बरतें। बर्फबारी के दौरान ऊंचे क्षेत्रों और हिमखंड की आशंका वाली जगह पर न जाएं। खराब मौसम में नदी-नालों से दूर रहें।

सिरमौर : जिला के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी बर्फबारी हो रही है। इससे यातायात प्रभावित है। जिला कुल्लू के सोलंगनाला, गुलाबा, कोठी और रोहतांग पास में भारी बर्फबारी हुई है।

मंडी : थाचाधार, सराज घाटी में भी बर्फबारी का दौर चला है। जिले में करीब 18 सड़कें बंद है। बिजली गुल है और पानी की पाइपें जम गई हैं।

चंबा : भंगरोटू में दो इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। तीसा सड़क बंद है।

24 घंटों में हुई बर्फबारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान शिमला जिला के खदराला में सर्वाधिक 39 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। जबकि कुफरी में 35, डल्हौजी में 25, कल्पा में 22, ठियोग और भरमौर में 15, शिमला में 7, केलंग में 5 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है। वहीं वर्षा की बात करें तो सिरमौर के संगड़ाह में सबसे अधिक 72 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह कोटखाई में 55, धर्मशाला में 40, सोलन व जोगेंद्रनगर में 30, पच्छाद में 28, पडोह, पालमपुर और मनाली में 22 मिमी बारिश मापी गई।

हिमाचल के प्रमुख स्थानों में हुई इतनी बारिश
बारिश-बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलंग में बीती रात न्यूनतम तापमान -8.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ और यह राज्य में सबसे ठंडा रहा। इसके अलावा किन्नौर के कल्पा में -3.4 डिग्री, कुफरी में -1.7 डिग्री, डल्हौजी में -0.4 डिग्री, शिमला में 0.5, मनाली में 0.8 डिग्री, नाहन में 3.3 डिग्री, धर्मशाला में 3.8 डिग्री, भुंतर में 4.4 डिग्री, पालमपुर व सोलन में 5 डिग्री, मंडी में 5.1 डिग्री, चंबा में 5.8 डिग्री, उना में 9 डिग्री, बिलासपुर में 9.2 डिग्री और हमीरपुर में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

"पश्चिमी विक्षोभ में बदलाव आने से पूरे प्रदेश में 25 फरवरी तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल में भारी बर्फबारी, वर्षा और ओलावृष्टि होने की संभावना है।"
मनमोहन सिंह -मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक

 

 Posted By : Himachal News 

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