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प्रार्थी ने प्रदेश में लिखी है विकास की इबारत...सत्य प्रकाश ठाकुर

हिमाचल न्यूज़ | April 03, 2019 07:58 PM

हिमाचल न्यूज़ 

कुल्लू : देवभूमि कुल्लू में शेरे कुल्लू लाल चंद्र प्रार्थी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। भुटिटको में पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की अगुवाई में प्रार्थी की जयंति के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्वांजली दी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर  ने कहा कि कुल्लू हलके सहित पूरे प्रदेश में विकास का पहिया वक्त के साथ रफ्तार पकड़ता चला गया है। इसकी मजबूत बुनियाद का श्रेय पूर्व विधायक  एवं भाषा संस्कृति विभाग के मंत्री स्वर्गीय लाल चंद प्रार्थी को जाता है। कुल्लू के विकास में अहम योगदान के लिए प्रार्थी को भूलाया नहीं जा सकता है। वर्ष 1962, 1967 और 1972 में लगातार तीन बार विधायक रहते हुए प्रार्थी विकास की वह लौ जला गए जिसने उन्हें इतिहास की तारीख में कुल्लूत जनपद का नायक बना दिया है।

हालांकि वक्त आगे बढऩे के साथ ही पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजकृष्ण गौड़, ने भी कुल्लू में विकास को गति प्रदान की है। लेकिन लाल चंद प्रार्थी अपने समय में कुछ काम ऐसे कर गए, जो आधुनिक कुल्लू का आधार बन गए। मसलन यशवंत सिंह परमार की सरकार में लाल चंद प्रार्थी आयुर्वेद एवं संस्कृति मंत्री बने तो इसी के साथ प्रदेश में आयुर्वेद महकमा और भाषा एवं संस्कृति विभाग की स्थापना हुई। वर्ष 1972 में प्रदेश भर में केवल कुल्लू के कटराईं और बिलासपुर के घुमारवीं में सबसे पहले आयुर्वेद अस्पताल खोलने का श्रेय भी प्रार्थी को ही जाता है।

प्रार्थी की सबसे बड़ी उपलब्धि कुल्लू शहर के बीचों बीच आउटडोर थियेटर कला केंद्र का निर्माण करवाना है। बाद में प्रार्थी के नाम पर ही इसका नाम लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र रखा गया।  जब कला केंद्र बनकर तैयार हुआ तो उस समय यह एशिया का पहला ऐसा आउटडोर थियेरट था, जिसमें एक साथ दस हजार लोग बैठ सकते थे। वाम तट सड़क भी प्रार्थी की ही देन रही है। कुशल नेतृत्वकर्ता के साथ ही प्रार्थी ने कुल्लू की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं विकास के लिए जमीनी प्रयास किए हैं। सत्य प्रकाश ठाकुर  ने कहा कि स्वर्गीय लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू में विकास के पहिए को घूमाने की पहल की थी। जिसके काफी उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं।

दूरगामी सोच के साथ ठाकुर  ने कहा कि राजनीतिक दलगत से ऊपर उठकर लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू का समग्र विकास करवाया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू की देव संस्कृति के संरक्षण और विकास में प्रार्थी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होने कहा की लाल चंद प्रर्थी ने कुल्लू की संस्कृति को देश-विदेश में प्रसिद्ध किया और हिमाचल के  नाम को रोशन किया।

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