Follow us on
 
खेत-खलिहान

फूल उत्पादकों के लिए जी का जंजाल बना लॉकडाउन ( देखें Video)

हिमाचल न्यूज : पांवटा साहिब (सिरमौर) | May 06, 2020 08:34 AM
Photo : Pexels.com

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में जहां लॉक डाउन चला हुआ है। हिमाचल प्रदेश का पोंटा साहब भी उससे अछूता नहीं है हर प्रकार के काश्तकारों के सामने अपनी अपनी मुसीबतें मुंह बाए खड़ी हैं। कुछ ऐसा ही हाल फूलों की खेती करने वाले काश्तकारों का भी है।

एक ओर जहां पर दिल्ली में फूलों की सबसे बड़ी मंडी सजती है. यातायात के साधन न होने व लॉक डाउन के चलते खड़ी फूलों की फसल पॉलीहाउस में ही सड़ने को तैयार है। काश्तकारों का कहना है की प्रति सप्ताह लगभग 50 से 60 हजार रुपए का नुकसान उनको झेलना पड़ रहा है।

यातायात बंद होने के कारण उनके फूल टूटने के बाद मुरझा रहे हैं और मजबूरन उनको कूड़े के ढेरों पर फेंकना पड़ रहा है।

काश्तकारों की मुसीबत यहीं तक खत्म नहीं होती आम के बगीचो वाले बागवान भी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं। फूल उत्पादक रवींद्र फलस्वरूप का कहना है की बागो में छिड़काव करनी वाली दवाओं को पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से लाना पडता है किंतु इस समय छिडकाव की दवाओं के अभाव में आम की फसलों का खराब होने का अंदेशा लगातार बना हुआ है। काश्तकारों का राज्य सरकार से कहना है की इस ओर भी ध्यान दें।

Have something to say? Post your comment
और खेत-खलिहान खबरें