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बिजनेस

कोरोना महामारी : छोटे व्यापापरियों और दुकानदारों पर भारी

अखिल वोहरा : चंडीगढ़ | May 06, 2020 03:56 PM
Photo : pexels.com

कोरोना के प्रकोप के बीच छोटे व्यापारी और दुकानदारों पर खासी मार पड़ रही है। यह वे दुकान और व्यापारी है जिनकी दुकाने  प्रशासन के कर्फ्यू समाप्त किए जाने के बाद अभी तक भी बंद पड़ी है। समाजिक दूरी की उल्लंघना के भय से दुकानों को बंद रखने का निर्णय कायम रहा। शहर के प्रमुख और व्यस्तम बाजारों में से एक सैक्टर-22 की शास्त्री मार्केट से लेकर 19 का सदर और पालिका और 15 के पटेल बाजार जैसे मार्केट के दुकानदार लॉक डाउन की वजह से घरों में बैठने पर मजबूर है। अब हाल यह है कि दुकानदारों ने अपने तरीके से नगर सांसद किरण खेर से लेकर प्रशासक और सलाहकार से आर्थिक मदद की मांग की है। दुकानदारों का आय का और कोई साधन नहीं है।

वहीं, शास्त्री मार्केट के दुकानदार और आप प्रवक्ता योगेश सोनी ने बकायदा वीडियो जारी कर सांसद किरण खेर से राहत पैकेज की मांग की है। उनका कहना है कि उन जैसे अन्य व्यापारी और दुकानदार चाहे किसी भी राजनीतिक दल से क्यों ना हो बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद केंद्र से राहत पैकेज का ऐलान करे या फिर उन्हें प्रॉपटी टैक्स से लेकर बिजली-पानी के बिलों में अगले छह महीने  माफी दिलाने में कदम उठाएं।  जिनका कहना है कि उन जैसे शहर भर की मिली-जुलती मार्केट के दुकानदार 40 दिनों से लॉक डाउन का दंश झेलन रहे है, जिन्होंने इसका ना केवल महामारी से लड़ने में सरकार का सहयोग किया बल्कि अभी तक घरों में कैद है और इनमें अधिकरत  मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं।

बाजार बंद, झेल रहा अभिशाप
वहीं, सैक्टर-19 के सदर बाजार के प्रधान नरेंद्र सिंह का कहना है कि मध्यम वर्ग के लिए सदर बजार एक आशीर्वाद है, अब यह बाजार बंद का अभिशाप झेल रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 2 के बाद शहर खुलते ही, सदर बाजार अभी भी अपने गेट के खुलने का इंतजार कर रहा है। बाजार जिसे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बाजार कहा जाता है, प्रशासन के दिशानिदेर्शों के कारण नहीं खुल पा रहा है। लेकिन बाजार के दुकानदार अभी भी प्रशासन की कुछ मदद का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि हम 45 दिनों से अधिक समय से घर पर हैं। हमारे पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है। हमने पहले भी इस संकट के बारे में लिखा है क्योंकि दुकानदार वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

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