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हिमाचल

सुनो सरकार : यहां कुर्सी पर उठाकर अस्पताल पहुंचाए जाते हैं मरीज

हिमाचल न्यूज : बंजार (कुल्लू) | June 06, 2020 06:34 PM
महिला को अस्पताल ले जाते ग्रामीण | फोटो - प्रस राम भारती

उपमण्डल बंजार की तीर्थन घाटी के कई दूर दराज क्षेत्र आजादी के सात दशकों बाद भी आजकल सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से बंचित है। बीमारी हालात में लोगों को अपना इलाज करवाने के लिए कई किलोमीटर तक का सफर पैदल तय करना पड़ता है। जो मरीज खुद चलने की हालात में न हो तो उसे कुर्सी की पालकी में बिठा कर सड़क मार्ग या अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है।

ऐसा ही एक वाक्या शुक्रवार शाम को तीर्थन घाटी की दूर दराज ग्राम पंचायत शिल्ली में सामने आया। शिल्ही पंचायत के मल्हाचा गांव की चवेलू देवी पत्नी जीतराम को कल शाम के समय हैपॉलीसेमीण hypoglycaemia (low blood sugar) का अटैक पड़ गया जिससे वह बेहोश हो गई तो ग्रामीण उसी समय चवेलू देवी को पीठ पर उठाकर अस्पताल ले जाने लगे और इसी दौरान 108 एंबुलेंस को भी फोन करके बुला लिया गया था। लेकिन मालहचा गांव से गरूली गांव तक पहुंचते ही बहुत तेज बारिश होने लगी जिससे मरीज को पीठ पर सड़क तक पहुंचाना मुश्किल हो गया था और अंधेरा भी होने लगा था। इसलिए तेज बारिश और अन्धेरे में 6 किलोमीटर दूर पीठ पर उठाकर ले जाना संभव नहीं था। जिस पर एंबुलेंस को वापस खाली ही बंजार भेजना पड़ा। रात को 12:30 बजे महिला को होश आया लेकिन वह चलने फिरने में असमर्थ थी. 

चिकित्सकों से फोन पर संपर्क करके राय ली गई उन्होंने मरीज को इंसुलिन का इंजेक्शन देने की सलाह दी, लेकिन पंचायत में कोई भी स्वास्थ्य संस्थान नहीं है जिससे महिला को प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया जा सका। आज सुबह ग्रामीणों ने मरीज को कुर्सी पर उठाकर निजी वाहन करके बंजार अस्पताल में पहुंचाया है।

स्वास्थ्य उपकेंद्र की पंचायत के लिए हो चुकी है अधिसूचना
ग्राम पंचायत शिल्ही के उपप्रधान मोहर सिंह ठाकुर का कहना है कि पंचायत के लिए सरकार द्वारा स्वास्थ्य उपकेंद्र की अधिसूचना जारी किए हुए अढाई साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक उसके कार्यात्मक आदेश नहीं हो रहे हैं ज़िससे स्वास्थ्य उपकेंद्र भी नहीं खुल पाया है जबकि स्वास्थ्य विभाग को बिना किराए का भवन भी उपलब्ध करवा दिया गया है l आए दिनों इस प्रकार की कई घटनाएं घटती रहती है यहां के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी बंजार जाना पड़ता है गर्भवती महिला और शिशुओं को भी टीकाकरण के लिए 8 किलोमीटर दूर बठाहाड़ जाना पड़ता है। इस वजह से ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

वन मंत्री दे चुके हैं आश्वासन
बीते दिनों गुरुली गांव के शहीद लगन चंद की अंत्येष्टि में वन मंत्री आए थे उन्होंने भी स्वास्थ्य उपकेंद्र को जल्द शुरू करने की बात कही थी विधायक बंजार भी लगातार स्वास्थ्य केंद्र को शुरू करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री से मुख्यमंत्री से लगातार पत्राचार कर रहे हैं लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद लगन चंद अपने पीछे अपनी विधवा पत्नी और 6 महीने के नवजात बच्चे को छोड़ कर चला गया है। उस समय सरकार के कई अधिकारी और नुमाइंदे श्रद्धांजलि देने तो आए थे लेकिन अब वह विधवा महिला अपने नवजात बच्चे को तथा पंचायत क्षेत्र की अन्य महिलाएं अपने शिशुओं को टीकाकरण के लिए 8 किलोमीटर दूर पैदल बठाहड़ तक जाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की है जल्द ही स्वास्थ्य उपकेंद्र को शुरू किया जाए यही शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ कटान पर समूचे हिमाचल प्रदेश में प्रतिबंध लगा रखा है सिर्फ स्पेशल केस में ही परमिशन मिल रही है इसलिए मंजूरी मिलने में समय लग सकता है मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य आरंभ हो सकता है।

स्वास्थ्य उपकेंद्र जिस की अधिसूचना भी हो चुकी है को शुरू करने के लिए भी यह लगातार सरकार से पत्राचार कर मांग कर रहे हैं लोगों को उम्मीद है जल्द ही उनके गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र भी खुल जाएगा।

गांव को सड़क से जोड़ने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण
ग्राम पंचायत शिल्ही के उप- प्रधान मोहर सिंह ठाकुर का कहना है कि गांव को सड़क से जोड़ने की भी लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी है और लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिकारी और कर्मचारी भी गरुली और परवाडी गांव को सड़क से जोड़ने के प्रति संजीदा हैं और अपना योगदान दे रहे हैं। वन विभाग से मंजूरी मिलने हेतु फाइल केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देहरादून को भेजी जा रही है।

ग्रामीणों की मांग : जल्द शुरू हो स्वास्थ्य उपकेंद्र
ग्रामीण दिलीप सिंह, बर चंद, सुरेंद्र सिंह, गौतम सिंह, गोविंद सिंह, रणजीत सिंह, भाग सिंह, देवेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, केहर सिंह, प्रताप सिंह, मान दास, पूर्णचंद, लोतम राम, डूर सिंह, लीला देवी, तारा देवी, भावना देवी, रेसी देवी रमेला देवी, सतराजी देवी, मीरा देवी, पुन्नी देवी, लारजू देवी, रोशनी देवी, ज्वाला देवी रीना देवी, रूमा देवी, आदि का कहना है कि पहले भी इस तरह की अनेकों घटनाएं घट चुकी है इस तरह की स्वास्थ्य संबंधी इमरजेंसी होने पर बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सरकार जल्द ही स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने का अपना वादा पूरा करे।

इनपुट : परस राम भारती : गुशैनी।

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