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हिमाचल

टूटी- फूटी कुल्हो के साथ कैसे करेंगे धान की रोपाई, चिंता में किसान

राज सोनी : करसोग (मंडी) | June 06, 2020 07:02 PM
टूटी- फूटी कुल्ह |फोटो : राज सोनी

करसोग क्षेत्र में धान रोपाई करने से पहले टूटी फूटी कूल्हों को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींचना शुरू हो गई है। बहुत जल्द धान की रोपाई होनी है पानी की कुल्ले टूटी है लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते किसान यह सोचने को मजबूर हो गया है कि अभी होने वाली धान की रोपाई किस तरह की जाएगी।

शनिवार को न्यारा वार्ड के पार्षद बंसीलाल की अगुवाई में न्यारा वार्ड की महिलाओं ने एसडीएम करसोग सुरेंद्र ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि अभी हाल के दिनों में धान की रोपाई का कार्य शुरू होना है। जिसके लिए पानी की आवश्यकता होती है परंतु जल शक्ति विभाग के लापरवाही के कारण  अंल्याड खड़ से नाड़ी  तक जाने वाली कुल्ह  के लिए लगभग एक करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद भी यह कुल पूरी तरह से बंद है यह जगह-जगह से टूटी हुई है तथा किसान  बार-बार विभाग व प्रशासन को इसके बारे गुहार लगा रहे हैं परंतु उनकी बातों को हर बार अनदेखा किया जा रहा है।

हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि हर किसान के खेतों तक पानी पहुंचाना अतिआवश्यक है जिससे सभी किसान अच्छी तरह से सिंचाई कर सके और किसान भूखा न रहे व फसल सब्जी फल उगा कर अपने परिवार  का निर्वहन कर सके।  किसान मेहनत करके अपने परिवार का गुजारा करता है परंतु विभाग तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानों की सुविधा के लिए कोई भी कार्य नहीं कर रही है। जिससे लगभग 700 बीघा जमीन की सिंचाई होती है लगभग 5000 के आसपास किसान इस कूल पर निर्भर है।

वन्सी लाल ने कहा कि अगर आने वाले समय में किसान अपनी फसल न उगा पाया तो सरकार व प्रशासन इन किसानों के खेतों का सर्वे करें और खेतों में जितनी फसल फल सब्जी इत्यादि से जो आय किसानो की बनती है उसका मुआवजा इन किसानों को दिया जाए।

अगर सरकार व प्रशासन किसी भी प्रकार से किसानों की कोई भी मदद न करती है तो किसानों द्वारा प्रशासन  व जल शक्ति विभाग के प्रति आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके लिए जिम्मेदार सरकार व प्रशासन की होगी।

इस बारे एसडीम करसोग सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है इसमें अगर जल शक्ति विभाग की लापरवाही पाई गई तो जल्द ही कार्यवाही की जाएगी।

पूर्व मंत्री मनसाराम ने कहा की सरकार व विभाग इसे गंभीरता से लेते हुए इस कुल्ह का कार्य जल्द किया  जाये ताकि किसानों को राहत मिल सके।

क्या कहते है पार्षद न्यारा वार्ड वंसी लाल
इस बारे पार्षद वंसी लाल ने कहा की इस कुल्ह से करीव 700 विघा जमीन की सिचाई की जाती है, हमने कई बार जल शक्ति विभाग को अवगत करवाया। इसमें लगभग एक करोड़ खर्चा हुआ है।

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