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बिजनेस

सौर ऊर्जा की इन परियोजनाओं को लगा सकते हैं आप भी, जानिए क्या है शर्तें ?

HIMACHAL NEWS : Shimla | October 20, 2018 05:00 PM

हिमाचल न्यूज़

शिमला : हिमाचल प्रदेश में 20 मैगावाट सौर ऊर्जा के दोहन हेतु हिम उर्जा द्वारा एक योजना को तैयार किया गया है जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इस योजना को शीघ्र ही अधिसूचित किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत कम से कम 250 किलोवाट और अधिकतम 500 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं की स्थापना से स्वरोजगार और रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा बंजर पडी नीजि भूमि को भी उपयोग में लाया जाएगा। इन परियोजनाओं की स्थापना नीजि भूमि पर की जाएगी।जो सम्भवतः बिजली बोर्ड के सबस्टेशन या वहां से गुजर रही 11 के.वी./22 के.वी. लाईन के समीप हों। यदि उपलब्ध नीजि भूमि सब स्टैशन से दूर हो तो इस स्थिति में लाईन बिछाने का खर्च एवम् विद्युत हानि आवेदक को वहन करनी होगी। अधिसूचना जारी होने के उपरान्त इन परियोजनाओं की स्थापना हेतु आवेदन और प्रस्ताव आमन्त्रित किए जाएंगे।

ये शर्तें करनी होगी पूरी

  1. इन परियोजनाओं की स्थापना हेतु स्थाई हिमाचली निवासी व्यक्तिगत तौर पर आवेदन के लिए पात्र है।
  2. पार्टनरशिप फर्म तथा प्राइवेट लिमिटेड कम्पनियां भी आवेदन कर सकती है बशर्ते इनमें स्थायी हिमाचलियों का शेयर 100 प्रतिशत हो।
  3. आवेदक को आवेदन पत्र के साथ रुपये 5000/- पांच हजार रुपए आवेदन शुल्क हिमऊर्जा के खाते में RTGs के द्वारा जमा करवाना होगा।
  4. आवेदन 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर स्वीकृत किए जाएगें।
  5. आवेदन केवल आन लाइन प्राप्त किए जाएंगे, जिन्हें हिमऊर्जा की बेबसाइट www.himurja.nic.in के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
  6. आवेदन करने की प्रक्रिया तथा अन्य औपचारिकताओं की विस्तृत जानकारी हिमऊर्जा की बेबसाईट www.himurja.nic.in पर उपलब्ध होगी।
  7. आवेदन प्रपत्र के साथ आवेदक को नीजि भूमि की उपलब्धता, धन की उपलब्धता तथा सबस्टेशन 11 के.वी. या 22 के.वी. विद्युत लाईन की उपलब्धता बारे उस क्षेत्र के सहायक अभियन्ता का प्रमाण पत्र तथा दस्ताबेज आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे। नीजि भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में किसी और व्यक्तियों की नीजि भूमि पट्टे पर क्रय की जा सकती है, जिस के लिए उस भूमि मालिकों की सहमति आवेदन के साथ उपलब्ध करवानी होगी।
  8. परियोजना की स्थापना हेतु धन की उपलब्धता बारे किसी नीजि व्यक्ति, संस्थान या बैंक से धन प्राप्त किया जा सकता है, जिसके लिए सम्बन्धित व्यक्ति, संस्थान या बैंक की सहमति प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न करना होगा।
  9. परियोजना आबंटित होने पर आबंटी हि.प्र. सरकार या भारत सरकार द्वारा ऋण प्रदान करने हेतु चलाई जा रही किसी भी स्कीम के तहत ऋण ले सकता है।


आवेदन 30 अक्तूवर से 15 नबम्वर 2018 तक प्राप्त किये जाएंगें। आबंटित की जाने वाली कुल क्षमता केवल 20 मैगावाट है जिसके लिए कम से कम 40 और अधिकतम 80 आवेदन स्वीकार किये जा सकते है। 20 मैगावाट की क्षमता पूर्ण होने पर कोई आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जांच के उपरान्त योग्य पाए गये आवेदकों को आबंटन पत्र जारी किये जाएंगे। हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड सीमित इन परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा को हि.प्र. राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आबंटन की तिथि के समय निर्धारित क्रय दर पर अनिवार्य तौर पर क्रय करेगी। प्रति मैगावाट स्थापना लागत रु.4.00 करोड के लगभग आएगी। इसके अनुपात में आवेदन की गई क्षमता की लागत निर्धारित करनी होगी तथा आवेदक को निर्धारित लागत का 75 प्रतिशत राशि दर्शानी होगी।

एक आवेदक को केवल एक परियोजना
एक आवेदक को केवल एक परियोजना आबंटित की जाएगी। यदि आवेदक व्यक्तिगत तौर पर या पार्टनरशिप फर्म या प्राइवेट लिमिटिड कम्पनी के माध्यम से एक से अधिक परियोजनाओं के लिए आवेदन करता है, तो उस स्थिति में उसका कुल शेयर 500 किलोवाट से अधिक नहीं होना चाहिए।

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