हिंदी ENGLISH ਪੰਜਾਬੀ Sunday, January 20, 2019
Follow us on
हिमाचल

कुल्लू मनाली का प्रवेश द्वार और फिर भी फटेहाल है भुंतर

हिमाचल न्यूज़ : कुल्लू | November 08, 2018 08:54 AM
भुंतर का बस अड्डा

कुल्लू-मनाली के कुदरती सौंदर्य को निहारने आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए इन पर्यटक स्थलों के प्रवेशद्वार भुंतर में हवाई अड्डे का विस्तार भी हो गया. साथ ही सरकार की सोच को भी पंख लग गए कि अब उच्च श्रेणी के सैलानी भी रूख करेंगे कुल्लू की वादियों का. पर इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा कि कुल्लू की वादियां निहारने के लिए जब सैलानी भुंतर में पांव धरेंगे तो क्या एक पल को यह नहीं सोचेंगे कि यहां यह हाल है तो आगे क्या होगा.

कुल्लू जिला का भुंतर आज नहीं अपितु सालों से दुनियां के नक्शे पर है लेकिन ताज्जुब तो इस बात का है कि किसी ने भी इसका कायाकल्प करने का प्रयास नहीं किया. देश-विदेश से आने वाले लोग जब भुंतर स्थित हवाई अड्डे पर उतरते हैं तो उनके मन मस्तिष्क पर क्या असर होता होगा यह न तो कभी राजनेताओं ने सोचा और न ही प्रशासन न भले ही कुल्लू -मनाली ने पर्यटन की दृष्टि से नए आयाम हासिल किए लेकिन किसी ने भी यहां की हालत को सुधारने का प्रयास नहीं किया. भुंतर कुल्लू -मनाली का पहला पड़ाव है जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कई मंत्रियों और हजारों अतिविशिष्ट व्यक्तियों के कुल्लू आगमन पर देव भूमि में पहले कदम पड़ते हैं. भुंतर हवाई अडडे से बाहर कदम धरते ही हवाई सेवा से आने वाले सैलानियों के लिए भी यहां कोई विशेष इंतजाम दिखाई नहीं देते हैं.

भुंतर के एक बुद्धिजीवी की बात काफी हद तक सही भी लगती है कि हवाई अडडा बना, आलीशान हुआ, उड़ाने भी बढ़ी लेकिन फिर भी फटेहाल रहा भुंतर.

 भुंतर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भुंतर को इस कदर चकाचक होना चाहिए कि देश-विदेश से यहां पहुंचनें वाला हर आदमी यही कह उठे भुंतर वाह क्या बात है लेकिन यहां सब इसके उलट ही है. हवाई अडडे से बाहर निकलने के बाद कहीं भी ऐसा स्थान नहीं दिखाई देता जहां घाटी में कदम धरने वाले सैलानी चंद पल बैठकर घाटी की खूबसुरत वादियों को निहार सके. भुंतर के कुछ लोगो का कहना है कि सरकार और पर्यटन महकमें को हवाई अडडे के विस्तारीकरण के साथ-साथ भुंतर का भी कायाकल्प करना चाहिए ताकि यहां कदम धरने वाले देश-विदेश के लोग देव घाटी कुल्लू से रूबरू होते ही गदगद हो उठे. भुंतर से कुल्लू की ओर गढ़ेनुमा सड़कें, मुंह चिढ़ाती गंदगी की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है. हवाई अडडे के बाहर चडीगढ़ मुख्य मार्ग पर फल व स्थानीय उत्पादों की रेहड़ी फड़ी आदि भी यहां की शोभा के मार्ग में बाधक हैं.

लोगों का कहना है कि भुंतर को भी सजाया संवारा जाना चाहिए. भुंतर का बस अडडा भी दिन-प्रतिदिन छोटा पड़ता जा रहा है. यहां न तो वाहनो के खड़ा करने के लिए उचित व्यवस्था दिखाई देती है और न ही सफाई का कोई विशेष इतंजाम दिखाई देता हैं.

Have something to say? Post your comment
और हिमाचल खबरें
हिमाचल मंत्रिमण्डल की बैठक मे आज हुए यह फैसले
हिमाचल का शांत वातावरण और बेहतर कानून व्यवस्था उद्यमियों को करती है आकर्षित : मुख्यमंत्री
पांवटा साहिब में 124 ग्राम चरस के साथ एक युवक व एक नाबालिग को गिरफ्तार
निष्पक्ष जांच के लिए दो सदसीय कमेटी का हुआ गठन -15 दिन में रिपोर्ट तलब कांग्रेस कार्यालय में घटित घटनाक्रम भाजपा की साजिश -विक्रमादित्य सिंह
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप राठौर की ताजपोशी
कुलदीप राठौर की ताजपोशी के मौके पर भिड़े वीरभद्र-सुक्खू समर्थक, एक लहुलहान
हिमाचल में 21 जनवरी को बर्फबारी की चेतावनी, धूप खिलने से मिली ठंड से राहत
बेलगाम होता वन माफिया -अवैध कटान के कई मामले उजागर
नालागढ़ की अमृतांजलि सेना में नर्सिंग लेफ्टिनेंट