हिंदी ENGLISH ਪੰਜਾਬੀ Wednesday, April 24, 2019
Follow us on
हिमाचल

कुल्लू मनाली का प्रवेश द्वार और फिर भी फटेहाल है भुंतर

हिमाचल न्यूज़ : कुल्लू | November 08, 2018 08:54 AM
भुंतर का बस अड्डा

कुल्लू-मनाली के कुदरती सौंदर्य को निहारने आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए इन पर्यटक स्थलों के प्रवेशद्वार भुंतर में हवाई अड्डे का विस्तार भी हो गया. साथ ही सरकार की सोच को भी पंख लग गए कि अब उच्च श्रेणी के सैलानी भी रूख करेंगे कुल्लू की वादियों का. पर इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा कि कुल्लू की वादियां निहारने के लिए जब सैलानी भुंतर में पांव धरेंगे तो क्या एक पल को यह नहीं सोचेंगे कि यहां यह हाल है तो आगे क्या होगा.

कुल्लू जिला का भुंतर आज नहीं अपितु सालों से दुनियां के नक्शे पर है लेकिन ताज्जुब तो इस बात का है कि किसी ने भी इसका कायाकल्प करने का प्रयास नहीं किया. देश-विदेश से आने वाले लोग जब भुंतर स्थित हवाई अड्डे पर उतरते हैं तो उनके मन मस्तिष्क पर क्या असर होता होगा यह न तो कभी राजनेताओं ने सोचा और न ही प्रशासन न भले ही कुल्लू -मनाली ने पर्यटन की दृष्टि से नए आयाम हासिल किए लेकिन किसी ने भी यहां की हालत को सुधारने का प्रयास नहीं किया. भुंतर कुल्लू -मनाली का पहला पड़ाव है जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कई मंत्रियों और हजारों अतिविशिष्ट व्यक्तियों के कुल्लू आगमन पर देव भूमि में पहले कदम पड़ते हैं. भुंतर हवाई अडडे से बाहर कदम धरते ही हवाई सेवा से आने वाले सैलानियों के लिए भी यहां कोई विशेष इंतजाम दिखाई नहीं देते हैं.

भुंतर के एक बुद्धिजीवी की बात काफी हद तक सही भी लगती है कि हवाई अडडा बना, आलीशान हुआ, उड़ाने भी बढ़ी लेकिन फिर भी फटेहाल रहा भुंतर.

 भुंतर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भुंतर को इस कदर चकाचक होना चाहिए कि देश-विदेश से यहां पहुंचनें वाला हर आदमी यही कह उठे भुंतर वाह क्या बात है लेकिन यहां सब इसके उलट ही है. हवाई अडडे से बाहर निकलने के बाद कहीं भी ऐसा स्थान नहीं दिखाई देता जहां घाटी में कदम धरने वाले सैलानी चंद पल बैठकर घाटी की खूबसुरत वादियों को निहार सके. भुंतर के कुछ लोगो का कहना है कि सरकार और पर्यटन महकमें को हवाई अडडे के विस्तारीकरण के साथ-साथ भुंतर का भी कायाकल्प करना चाहिए ताकि यहां कदम धरने वाले देश-विदेश के लोग देव घाटी कुल्लू से रूबरू होते ही गदगद हो उठे. भुंतर से कुल्लू की ओर गढ़ेनुमा सड़कें, मुंह चिढ़ाती गंदगी की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है. हवाई अडडे के बाहर चडीगढ़ मुख्य मार्ग पर फल व स्थानीय उत्पादों की रेहड़ी फड़ी आदि भी यहां की शोभा के मार्ग में बाधक हैं.

लोगों का कहना है कि भुंतर को भी सजाया संवारा जाना चाहिए. भुंतर का बस अडडा भी दिन-प्रतिदिन छोटा पड़ता जा रहा है. यहां न तो वाहनो के खड़ा करने के लिए उचित व्यवस्था दिखाई देती है और न ही सफाई का कोई विशेष इतंजाम दिखाई देता हैं.

Have something to say? Post your comment
और हिमाचल खबरें
डोभी में पैराग्लाइडिंग हादसे में सैलानी सहित 2 की मौत
हर संस्थान की हो आपदा प्रबंधन योजना: यूनुस
लगघाटी में एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
कांग्रेस का हाथ आतंकियों के साथ,देशद्रोह क़ानून हटाने के पीछे देशविरोधी ताक़तों को संरक्षण देने की मंशा:अनुराग ठाकुर
कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता का जवाब लोकसभा चुनावों में देगी जनता : सुरेश भारद्वाज
प्रार्थी ने प्रदेश में लिखी है विकास की इबारत...सत्य प्रकाश ठाकुर
आचार संहिता के दौरान अब तक 5.27 करेाड़ की शराब जब्त
पण्डित सुखराम आया राम गया राम राजनीति की संस्कृति के प्रतीक -चंद्रमोहन
बंजार में हुआ रोजगार मेले का आयोजन-90 दिव्यांगों को मिला रोजगार
नहीं रहे पहाड़ी लोकगायक गिरधारी लाल वर्मा