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सरकार ने जब नज़रंदाज़ किया तो माईनस तापमान में सड़कों पर उतरे लाहुली

हिमाचल न्यूज़ : केलांग (लाहुल स्पीति) | November 08, 2018 06:29 PM
केलांग में प्रदर्शन करते लाहुली

हिमाचल न्यूज़ 

लाहौल -स्पिति :कड़ाके की ठंड का दंश झेल रहे लाहुलियों को आज सरकार की वादाखिलाफी के कारण सडकों पर उतरना पड़ा। यह पहला मौका है जब लाहुल घाटी के लोगों को नबंवर महीने की सर्द हवाओं के प्रदर्शन करना पड़ा। लाहुल घाटी किसान मंच के बैनर तले इस जन चेतना रैली में घाटी के हर क्षेत्र के किसानों व बागवानों ने इस प्रदर्शन के लिए लाहुल स्पीति के जिला मुख्यालय में शिरकत की। इस प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी करके लाहुल वासियों ने इस शीत मरुस्थल में गर्माहट पैदा कर दी।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 22 सितंबर को हुई बेमौसमी बर्फबारी से लाहुल घाटी में किसानों और बागवानों को भारी नुक्सान हुआ। सेब के फलों से लदे लाखों पेड ज़मींदोज़ हो गए, आलू और अन्य नगदी फसलें खेतों में ही तबाह हो गई। किसानों और बागवानों को करोड़ों का नुकसान हुआ। इस त्रासदी के करीब दो महीनें पूरे हुए लेकिन राज्य और केंद्र सरकार की ओर से यहां के किसानों और बागवानो को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी गई। जबकि इस प्राकृतिक आपदा से पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान लाहुल घाटी में ही हुआ है।

लाहुल घाटी किसान मंच के संयोजक सुदर्शन जस्पा ने किसान रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से जो त्रासदी हुई उसकी किसानों के लिए राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से जारी राहत और मुआवजे के नाम पर फूटी कौडी भी नहीं मिली।

केलांग में प्रदर्शन करते लाहुली
 गिर गई लाहुली आलू की साख
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गैर जिम्मेदराना रवैये के कारण बीज आलू की सप्लाई पर पाबंदी लगने से लाहुली आलू की छवि देशभर में खराब हुई है। भारत सरकार के राजपत्र में लाहौल घाटी समेत हिमाचल से बीज आलू के अन्य राज्यों में आपूर्ति पर पाबंदी हटाए जाने के बावजूद अन्य राज्यों के व्यापारी अब भी लाहुली बीज आलू को खरीदने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिससे किसानों को आलू बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। जबकि व्यापारी भी किसानों के बीज आलू को खरीदने से कतरा रहे हैं। ऐसे हालात में सरकार बीज आलू को खुद बेचने की व्यवस्था करें अन्यथा किसानों को बाजार भाव के हिसाब से मुआवजा जारी करें।

जस्पा ने कहा कि कृषि मंत्री जिला से बाहर बैठ कर बेबुनियाद ब्यानबाजी कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि उनके ओर से की गई अधिकतर घोषणाएं जमीनी हकीकत से कोंसों दूर है।

इन्होने भी किया रैली को सम्बोधित
किसानों ने घाटी में सिंचाई सुविधाओं को विकसित करने की मांग की है । सरकार घाटी में जल्द सब्जी मंडी खोलने की व्यवस्था करें। रैली को जिप उपाध्यक्षा शशि किरण, ग्रामीण युवा संगठन के विरेद्र ठाकुर, जहालमा पंचायत के प्रधान सुरेंद्र कीरू ने भी संबोधित करते हुए किसानों के हितों की पैरवी की। रैली के बाद मंच के प्रतिनिधि मंडल ने तहसीलदार के माध्यम सीएम को किसानों की मांगों को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया।

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