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खेत-खलिहान

औषधीय पौधे बढ़ायेंगे हिमाचल की आर्थिकी

हिमाचल न्यूज़ | November 21, 2018 02:06 PM

शिमला : हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला ने 19 से 21 नवम्बर 2018 को अन्य हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण समशीतोषण औषधीय पौधो  की खेती पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे 35 प्रतिभागियों जिनमें शिक्षण संकाय, निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि, भारत तिब्बत सीमा बल के माली, मीडिया कर्मी, गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्य, ग्रामीण विकास प्रभाग हिमाचल प्रदेश के सदस्य, इको टास्क फोर्स के सदस्य, महिला मण्डल सदस्य और नेचर क्लब के सदस्य शामिल हुए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ बी डी सुयाल, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल ने किया। उन्होने बताया की हिमाचल प्रदेश मे औषधीय पोधों का विशाल भंडार है तथा इससे ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने की अपार संभावनाएं है। उन्होने आशा व्यक्त की यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों का ज्ञान वर्धन करेगा। उन्होंने विभाग द्वारा औषधीय पौधों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर धन्यवाद व्यक्त किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला, विभिन्न संस्थाओं एवं विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों ने औषधीय पौधों  के विभिन्न पहलुओं जिनमे औषधीय पोधों की पहचान, आधुनिक नर्सरी एवं कृषिकरण तकनीक, कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट, क्षमता, सरंक्षण, एवं कानूनी पहलुओं आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की।

अतिरिक्त प्रधान प्रमुख वन अरण्यपाल पीएल चौहान ने औषधीय पौधों की कृषि द्वारा ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने के महत्व पर प्रकाश डाला। 

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