हिंदी ENGLISH Wednesday, September 30, 2020
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खेत-खलिहान
मशरूम उत्पादन के जुनून ने पृथीचंद को दिलाया प्रगतिशील किसान का राष्ट्रीय पुरस्कार

 “मशरूम को बच्चे की तरह पालना पड़ता है और बदले में यह हमें पालता है।” यह कहना है भूतपूर्व सैनिक एवं प्रगतिशील किसान राष्ट्रीय अवार्ड विजेता श्री पृथीचंद का। खुम्ब उत्पादन के प्रति जुनून की हद तक समर्पित पृथीचंद ने जो सपना आज से लगभग 22 वर्ष पूर्व देखा था, उसे वर्तमान प्रदेश सरकार की खुम्ब विकास योजना ने नए आयाम दिए हैं। उनके जुनून ने बेटे को विदेशी धरती से नौकरी छोड़कर स्वरोजगार अपनाने तथा बहू को आत्मनिर्भर बनने की ओर प्रोत्साहित किया।

‘हर खेत को पानी’ का सपना हो रहा साकार

“हर खेत को पानी” के सूत्र वाक्य के साथ प्रारम्भ की गई प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के बेहतर कार्यान्वयन से हमीरपुर जिला में जल संचयन संरचनाओं तथा भंडारण टैंकों के निर्माण को बल मिला है। अभी तक दो दर्जन से अधिक संरचनाओं का निर्माण कर कई हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के अंतर्गत लाया जा जुका है।

9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती के तहत लाया जाएगाः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की निगरानी के लिए गठित उच्च राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2022 तक प्रदेश के सभी 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने के लिए प्रयासरत है।

कुटलैहड़ के कोठियां में चाय-कॉफी का उत्पादन कर मालामाल होंगे किसान

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के कोठियां में चाय व कॉफी की पैदावार के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वह आर्थिक रूप से संपन्न हो सकें। इसके लिए ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कृषि विभाग तथा टी-बोर्ड के अधिकारियों को बाकायदा योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

Agriculture News : जायका चरण दो में 1104 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट वित्त पोषित करने का प्रस्ताव

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज थाना कलां में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की समीक्षा की। बैठक में कंवर ने कहा कि जायका का पहला चरण दिसंबर 2020 में समाप्त होने जा रहा है तथा जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी से वित्त पोषित 321 करोड़ के पहले चरण में पांच जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और ऊना में लागू किया गया है।

Agriculture News : इस परियोजना से मजबूत होगी किसानों की आर्थिकी

जलशक्ति, बागवानी, राजस्व और सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को बड़ा बल मिलेगा। एशियन विकास बैंक की मदद से लागू की जा रही इस परियोजना में प्रथम चरण में 1688 करोड़ रुपये खर्चे जा रहे हैं।

किसान उत्पादक संगठन बनाएगा कृषि को बिचैलिया मुक्त

किसानों की आय बढ़ाने में अब किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत देश भर में 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों के गठन का फ़ैसला किया है। इनका मक़सद न सिर्फ़ किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने हेतु कृषि को बिचैलियों से मुक्त करना भी है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 4,496 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।

वर्ष 2022 तक हिमाचल को पूर्णतः प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्यः कंवर

कृषि विभाग का अतिरिक्त कार्यभार मिलने के बाद पहली बार कुटलैहड़ पहुंचे ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री का लोगों ने जोरदार स्वागत किया। जिला ऊना की सीमा खूनी मोड़ से लेकर बंगाणा तक जगह-जगह लोगों ने फूलों व ढोल-नगाड़ों के साथ अभिनंदन किया। लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर लोगों ने वीरेंद्र कंवर का अभिभावदन किया।

बागवानों को बड़ी राहत, भट्ठाकुफर फल मंडी में इस दिन शुरू होगा सेब कारोबार

हिमाचल प्रदेश के राजधानी शिमला में भट्ठाकुफर फल मंडी पार्किंग से एक सप्ताह के भीतर सेब कारोबार शुरू होने जा रहा है। पार्किंग में बन रहे ऑक्शन यार्ड की बेसमेंट का काम पूरा कर लिया है। वहीं छत के लिए एंगल लगाने का काम शुरू है। 48 बाई 25 स्क्वेयर मीटर के ऑक्शन यार्ड पर 20 आढ़ती सेब कारोबार करेंगे।

Breaking News : शराब की बोतल से बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाएंगे हिमाचल को

हिमाचल प्रदेश को सरकार अब शराब की बोतल से बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाएगी। भले ही यह सुनने में अटपटा  लग रहा हो, लेकिन यह सच है। राज्य सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में बेसहारा पशुओं को आश्रय देने और गौ सदनों के रखरखाव के लिए प्रति बोतल शराब पर उपकर लगाने का प्रावधान किया गया।

हिमाचल के बागवानों को पड़ा यह साल मंहगा

कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन हो या मौसम की मार और अब फसलों में स्कैब जैसी बीमारियां बागवानों के लिए एक बडी समस्या बन गया है। वैसे ही लॉकडाउन के चलते समय पर फसलों में दवाईयों के छिड़काव नहीं हो पाए है, और अब स्कैब जैसी बिमारी ने बागवानो की चिन्ता बड़ा दी है।

Agriculture News : जानिए फलदार पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय

मानसून के मौसम में बागवानी विभाग जिला ऊना द्वारा फलदार पौधों के वितरण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। विभाग ने लगभग 30,000 विभिन्न फलदार पौधे जैसे आम, किन्नू, माल्टा, निंबू, लीची, अमरुद, पपीता इत्यादि किसानों को वितरण हेतु जिले के पांचों विकास खंड कार्यालयों में पहुंचा दिए हैं तथा किसान इन पौधों को खरीद कर अपने खेतों में लगा रहे हैं। 

कृषि क्षेत्र में नई कहानी लिख रही है जाईका परियोजना

लगातार बढ़ती जनसंख्या, खेती के लिए घटती जमीन और जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद कृषि क्षेत्र में आज भी बड़े पैमाने पर स्वरोजगार प्रदान करने का सामथ्र्य है।

जाइका : किन्नौर के चिलगोजा व स्पीति के सीबक थाॅर्न को मिलेगी नई पहचान

हिमाचल सरकार प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने व पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है, जिसके लिए वन विभाग के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

फॉलआर्मी कीट के प्रकोप ऐसे बचाएं मक्की की फसल

इन दिनों खेतों में मक्की की फसल खूब लहलहा रही है। मक्की में इन दिनों खूब देखभाल की जरूरत रहती है। इन दिनों मक्की में फॉलआर्मी कीट के आक्रमण का खतरा रहता है। फॉलआर्मी कीट मक्की के पत्तो के भंवर के अंदर पनपते हैं। पत्तों के ऊपर पाए जाने वाले इनके अंडों के समूह को मसलकर इस प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है।

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