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बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों से बचने का ऐसे करें उपाय

हिमाचल न्यूज | June 24, 2020 08:34 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo by JESHOOTS.com from Pexels

हिमाचल न्यूज

बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। इस मौसम में मानवीय शरीर में कई बीमारियां पनपती है। आईए जानिए इन बीमारियों के लक्षण और उपाय के बारे में। 

बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों को लेकर सुरक्षा के उपाय अपनाने बहुत जरूरी है। बरसात में मुख्य रूप से मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टाईफस व पीलिया बीमारियां पनपती हैं, इनसे से बचने के लिए कुछ एहतियात बरतनी जरूरी है।

मलेरिया : मलेरिया मादा एनोफलिस मच्छर के काटने से होता है। मरीज को ठण्ड लगकर कंपकंपी द्वारा 103 डिग्री या इससे अधिक बुखार आता है। यह मच्छर खड़े पानी में प्रजनन करता है। इससे बचने के लिए खड़े पानी की निकासी का होना अत्यंत जरूरी है। पशुओं द्वारा पानी पीने के लिए उपयोग किये जाने वाले बर्तनों को ढककर रखना जरूरी है। मलेरिया से बचाव व इलाज दोनों संभव है। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। अत: खून की जाँच करवा कर मलेरिया की सही पहचान होती है।

डेंगू : डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है तथा साफ पानी में पनपता है। डेंगू में तेज बुखार सिर दर्द, बदन दर्द तथा जोड़ों में दर्द व रक्तस्राव होता है। डेंगू से बचने के लिए सप्ताह में एक-दो बार कूलर तथा पानी की टंकी को जरूर साफ करें। टूटे बर्तन पुराने टायर टूटे घड़े इत्यादि को घर में न रखें ताकि उनमें पानी इकट्ठा न हो।

स्क्रब टायफ़स : बरसात के मौसम में आमतौर पर तेज बुखार से पीडि़त रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह बुखार स्क्रब टायफ़स हो सकता है। यह रोग खेतों, झाडिय़ों व घास में रहने वाले चूहों पर पनपने वाले संक्रमित पिस्सुओं के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में अकडऩ तथा कई बार गर्दन, वाजुओं के नीचे तथा कूल्हों के ऊपर गिल्टियाँ हो जाती हैं। इससे बचने के लिये घर के आसपास घास, खरपतवार उगने न दें। खेतों व झाडिय़ों में काम करते समय पूरा शरीर (खासकर टाँगें, पाँव और वाजू) ढककर रखें।

पीलिया (हेपेटाइटिस) : हेपेटाइटिस ए तथा बी दूषित पानी व दूषित खाने से होता है। यह लीवर से संबंधित बीमारी है। इसमें मरीज को हल्का बुखार, पेट दर्द, आँखों व त्वचा का रंग पीला होना, उल्टी व मितली का होना तथा थकावट महसूस होती है। इससे बचने के लिए हाथों को खाना बनाने से पहले , खाने से पहले तथा शौच जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह धोएं, शौचालय का प्रयोग करें, आसपास सफाई रखें तथा पीने के लिए साफ व शुद्ध जल का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार की झाड़  फूंक न करवाएं।

क्या कहते हैं डॉक्टर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ रमण कुमार शर्मा ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टाईफस व पीलिया इत्यादि के इलाज हेतु सभी दवाइयाँ तथा जाँच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध रहती है। अगर किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संसथान में दिखाएँ व इलाज करवाएं।

Posted By : Himachal News 

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