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मनोरंजन

प्रेम और समर्पण की कहानी है हिमाचली फिल्म “भाई”

हिमाचल न्यूज | July 04, 2020 07:33 PM
फोटो - हिमाचल न्यूज

रिश्तों के बदलते युग में बनी हिमाचली फिल्म भाई A Story of Sacrifices हिमाचल के ग्रामीण परिवेश में दो भाइयों के अनूठे प्रेम और समर्पण को दर्शाती है। परिणीता फिल्म्स के बैनर तले हिमाचल की वादियों में फिल्माई इस फिल्म को देखते समय कई सवाल भी उठेंगे, जिनमें से कुछ का जवाब फिल्म के अंत में दिया गया है। ये लंबे समय तक याद रखने वाली फिल्म है। इसकी वजह है कपिल शर्मा का लेखन व निर्देशन।

फिल्म की कहानी का आइडिया बहुत ही अच्छा है। फिल्म में कपिल शर्मा ने कहानी को अपने अंदाज में कहा है और उनका यह अंदाज दर्शकों को फिल्म से अंत तक जोड़े रखता है और यही फिल्म की कामयाबी की रीढ़ भी होगी।

हिमाचल की वादियों मे पले बढ़े दो भाई (रमेश ठाकुर) और (कुलदीप शर्मा) की कहानी बचपन से शुरू होती है। माता पिता बचपन में गुजर जाते है। ऐसे में छोटे भाई रमेश के पालन पोषण की जिम्मेदारी बड़े भाई किशन (कुलदीप शर्मा) पर आती है। बड़ा भाई छोटे भाई की कामयाबी के लिए अपना सब कुछ त्याग कर उसे बड़ा आदमी बनाने के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर कड़ी मेहनत करता है और उसे एक कामयाब इंसान बनाता है। दोनों आपसी प्रेम और सहयोग से हमेशा सबकी आँखों का तारा बने रहते हैं। इन पर पूरे गाँव को नाज होता हैं।

कहानी के मोड में जब रमेश एक स्टेज शो ऑरगेनाइज़र के संपर्क में आता है तो वह विलासता में डूब जाता है। संगीत के दुनिया की चकाचौंध रमेश पर हावी हो जाती है। फिल्म में कुछ ऐसी बातें और भी हैं जिनका जिक्र यहां इसलिए नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे फिल्म देखने का मजा किरकिरा हो सकता है।

यह कारण आपको पसंद आ गया तो फिल्म आपको अच्छी लगेगी। नहीं भी आया तो भी फिल्म ठीक-ठाक लगेगी क्योंकि कपिल शर्मा का कहानी को स्क्रीन पर पेश करने का तरीका फिल्म से जोड़े रखता है।

बड़े भाई का छोटे भाई के प्रति अटूट प्रेम और स्नेह का माहौल भी अच्छे से बनाया गया है जिसमें सिनेमाटोग्राफी और बैक ग्राउंड म्युजिक अपना अहम रोल निभाते हैं। सिनेमाटोग्राफी में कलर्स का अच्छा उपयोग किया गया है। दोनों की केमिस्ट्री खूब नजर आती।

हिन्दी पहाड़ी बोली में बात को स्टाइलिश तरीके से कहने में कहानी दिलचस्प बनती है। फिल्म का संपादन अच्‍छा है। कहानी को तोड़-मोड़ कर पेश किया गया है जो अपील करता है।

रमेश ठाकुर की छवि 'हीरो' वाली है। कुलदीप शर्मा का अभिनय फिल्म दर फिल्म बेहतर हो रहा हैं।

सभी कलाकारों का बेहतरीन अभिनय हैं और इनके आपसी सीन मजेदार हैं। फिल्म के लीड एक्टर्स पर कैरेक्टर आर्टिस्ट जबरदस्त तरीके से हावी रहे हैं। बलदेव का किरदार असर छोड़ता हैं। एच के कौल और सपना का किरदार उभर कर सामने आता है तो फिल्म का स्तर ऊंचा होता है। वह जितने पॉवरफुल एक्टर हैं उतना दमदार उनका किरदार है।

कपिल शर्मा ने अपने लिखे को बेहतर तरीके से फिल्माया है। संवादों पर उन्होंने खासी मेहनत की है। निर्देशक के रूप में उन्हें और अनुभव प्राप्त हुआ है।

गीत-संगीत के मामले में फिल्म बहुत ही बेहतर है। फिल्म को संगीत का अच्छा साथ मिला है। कहानी में एक गीत को जोड़ कर उन्होंने फिल्म को अच्छे से आगे बढ़ाया है। तकनीकी रूप से भी फिल्म में सफाई साफ नजर आती है।

फिल्म का क्लाइमैक्स भी दमदार है। कहानी से कैसे सबका हृदय परिवर्तन होता है इस‍के लिए कोई ठोस सिचुएशन बनाई गई है।

बैनर : परिणीता फिल्म्स

निर्माता, निर्देशक : कपिल शर्मा

संगीत : संदीप ठाकुर

गायक : रमेश ठाकुर

कलाकार : रमेश ठाकुर, कुलदीप शर्मा, बलदेव, सपना और एच के कौल।   

 Posted By : Himachal News

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