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पश्चिम बंगाल के इस इलाके में 15 नहीं 18 अगस्त को मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस, जानिए बजह

हिमाचल न्यूज | August 15, 2020 01:02 PM

हिमाचल न्यूज : देश के ही कुछ शहर ऐसे हैं जहां 15 अगस्त के बजाए 18 अगस्त को आजादी का त्योहार मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिला ऐसा शहर है, जहां 15 अगस्त को नहीं बल्कि 18 अगस्त को आजादी का जश्न मनाया जाता है। इसके पीछे का इतिहास भी बड़ा रोचक है।

दरअसल 12 अगस्त 1947 को रेडियो पर खबर आई कि भारत को आजादी मिल गई और पश्चिम बंगाल के नदिया जिले को पाकिस्तान में शामिल किया जा रहा है। खबर आते ही नदिया जिले में विरोध शुरू हो गया। यहां के हिंदुओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुशी जताई और मुस्लिम लीग के कुछ नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर जिले के चर्चित कृष्णानगर पब्लिक लाइब्रेरी पर पाकिस्तानी झंडे फहरा दिया।

हुई थी प्रशासनिक गलती
हालांकि ये गलती एक प्रशासनिक गलती थी, जिसे भारत और पाकिस्तान के बंटवारे की लकीर खींचने वाले सर रेडक्लिफ ने की थी। रेडक्लिफ ने गलत नक्शा बना दिया था, जिसमें नदिया जिले को पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया। इस नक्शे की वजह से वो खबर आई और खबर के आते ही नदिया में विरोध शुरू हो गया। वहीं दंगे भड़क उठे। विरोध इस हद तक बढ़ गया कि लोग ब्रिटिश हुकूमत के फैसले के विरोध में सड़क पर उतर आए थे। हालात बिगड़ता देख ब्रिटिश हुकूमत को अपना फैसला वापस लेना पड़ा और 17 अगस्त की आधी रात को नदिया जिले के राणाघाट, कृष्णानगर, और करीमपुर के शिकारपुर को भारत में शामिल किया गया। फैसला आते ही 18 अगस्त को कृष्णानगर लाइब्रेरी से पाकिस्तान का झंडा उतारा गया और भारत का राष्ट्रीय तिरंगा फहराया गया। इन सबके के बीच यहां तिरंगा फहराने की तारीख बदल गई।

इसके लिए लड़ी लंबी लड़ाई
लंबी लड़ाई के बाद मिली जीत राष्ट्रध्वज के सम्मान में बने पहले के कानून के मुताबिक आम नागरिक सिर्फ 26 जनवरी और 15 अगस्त को ही झंडा फहरा सकते थे, लेकिन नदिया मामले में 18 अगस्त को झंडा फहराया गया। 18 अगस्त को झंडा फहराने को लेकर लंबा कानूनी संघर्ष चला, लेकिन साल 1991 में केंद्र सरकार ने उन्हें 18 अगस्त को नदिया में झंडा फहराने की इजाजत दे दी। तब से लेकर अब तक नदिया जिले और उसके अंतर्गत आने वाले शहरों में 18 अगस्त को आजादी का त्योहार मनाया जाता है और झण्डा फहराया जाता है।

जानिए नदिया के बारे में
पश्चिम बंगाल का एक प्रशासकीय जिला है। इसका मुख्यालय कृष्णानगर में है। नदिया में पर्यटक अनेक पर्यटक स्थलों की सैर कर सकते हैं। नवद्वीप, मायापुर, कृष्णनगर, इस्कान मन्दिर और शांतिपुर नदिया के प्रमुख पर्यटक स्थल हैं, जिनके लिए यह पूरे विश्व में लोकप्रिय है। पर्यटक स्थलों से अलग नदिया श्री चैतन्य महाप्रभु के जन्म स्थान के रूप में भी जाना जाता है। महाप्रभु का जन्म स्थान होने के कारण यहां पर पर्यटकों के साथ-साथ श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आते हैं। नदिया के प्लासी में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और अंग्रेजों के सेनापति लार्ड क्लाइव के बीच भयंकर युद्ध लड़ा गया था। इस कारण यह स्‍थान ऐतिहासिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। भारत के इतिहास में इस युद्ध का बहुत महत्व हैं क्योंकि इस युद्ध के बाद भारत की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थितियां पूरी तरह से बदल गई थी।

ये भी पढ़ें : हिमाचल के इस इलाके में 15 नहीं, 16 अगस्त को मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस, जानिए बजह

Posted By :Himachal News

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