हिंदी ENGLISH Monday, December 05, 2022
Follow us on
 
खेत-खलिहान

सेब विकास कलस्टर के रूप में विकसित होगा किन्नौर, खर्च होंगे 50 करोड़

सोमसी देष्टा : शिमला | August 26, 2021 05:30 PM
संकेतात्मक तस्वीर | फोटो - Flicker.com

हिमाचल न्यूज़ | केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आर्थिक सहयोग से जिला किन्नौर को सेब विकास के लिए क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कार्य पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और एचपीएमसी को क्लस्टर विकास एंजेसी का कार्य सौंपा गया है। 

बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने एचपीएमसी निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के अंर्तगत पूर्व फसल उत्पादन कार्यकलापों पर बल दिया जाएगा, जिसके अंर्तगत मृदा परीक्षण, पत्ता विश्लेषण, प्लांट हेल्थ क्लीनिक सुविधाएं स्थापित की जाएगी। उत्पादन के तौर-तरीके जैसे उच्च घनत्व पौध रोपण, एकीकृत रोग कीट प्रबंधन कार्य किए जांएगे और फसल उत्पादन, पैकिंग हाऊस, प्रोसेसिंग इकाईयां स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा विपणन के क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे, जिनमें मार्केट यार्ड, अपग्रेडेशन, विपणन के नए चैनल स्थापित करना और किन्नौर की ब्रांडिग पर विपणन को बढ़ावा देना शामिल है। इन कार्यों के लिए कृषक उत्पादक समूह का गठन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 600 करोड़ रुपये की सेब आर्थिकी वाले किन्नौर जिला में 10,400 हेक्टेयर भूमि पर सेब की बागवानी की जा रही है।

बागवानी मंत्री ने कहा कि स्विटज़रलैंड की जीवौदान इंडिया प्रा. लिमिटेड के साथ 112.320 मी.टन एप्पल जूस बिक्री के लिए अनुबंध किया गया है जिसके तहत अभी तक कंपनी को 44.280 मी.टन जूस भेजा जा चुका है। एचपीएमसी ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज़ कॉरपोरेशन एवं वीटा के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके अन्तर्गत हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज़ कॉरपोरेशन एक वर्ष के भीतर हरियाणा राज्य में दो हजार हर हित खुदरा स्टोर खोलगा, जिससे एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री में वृद्वि होगी। एचपीएमसी ने 100 प्रतिशत प्राकृतिक एप्पल जूस का एक लीटर टैट्रापैक बाज़ार में उतारा है।

Posted By : Himachal News

Have something to say? Post your comment
और खेत-खलिहान खबरें
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में कुल्लू के धनिये ने बिखेरी अपनी महक
सात राज्यों के 17 वैज्ञानिकों ने नौणी में सीखे जैविक उत्पादन प्रणाली और प्राकृतिक खेती के गुर
जानिए सीजन की पहली बर्फबारी से किसानों और बागवानों को क्या फायदे और नुक्सान होंगे
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के अनुभव दूसरों के लिए प्रेरणा: राज्यपाल
इस दिन तक करें आलू की फसल का बीमा कराने के लिए आवेदन
हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी गाय के संरक्षण के लिए वरदान साबित होगी यह परियोजना
फाल आर्मी वर्म से ऐसे बचाएं मक्की की फसल
नए बागीचों लगाते समय वैज्ञानिक सलाह का पालन जरूर करें
मशरूम उत्पादन के जुनून ने पृथीचंद को दिलाया प्रगतिशील किसान का राष्ट्रीय पुरस्कार
‘हर खेत को पानी’ का सपना हो रहा साकार